दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शनिवार रात उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित देश के चार प्रमुख राज्यों—मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों ने पूरे लातिन अमेरिका में युद्ध की आहट तेज कर दी है।
7 भीषण हवाई हमले और आसमान में गूँजते विमान
स्थानीय समय के अनुसार, शनिवार रात करीब 2:00 बजे अमेरिका ने वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर कुल 7 हवाई हमले किए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शहर के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर लगभग 10 लड़ाकू विमानों को उड़ान भरते देखा गया। धमाकों की गूँज इतनी तेज थी कि पूरा काराकास शहर दहल गया। एक बड़े सैन्य अड्डे के पास स्थित दक्षिणी इलाकों में हमले के तुरंत बाद बिजली गुल हो गई।
ट्रम्प का आदेश: सैन्य सुविधाओं को बनाया निशाना
अमेरिकी मीडिया 'सीबीएस न्यूज' के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद इन हमलों का आदेश दिया था। हमले का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के अंदर रणनीतिक सैन्य सुविधाओं और कुछ खास सरकारी प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करना था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई वेनेजुएला की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के इरादे से की गई है।
राष्ट्रपति मादुरो का कड़ा रुख: 'देश में इमरजेंसी लागू'
हमलों के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन हमलों को 'कायरतापूर्ण' करार देते हुए देशभर में इमरजेंसी (आपातकाल) घोषित कर दी है। मादुरो ने कहा, "अमेरिका वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करने के लिए तख्तापलट की कोशिश कर रहा है, लेकिन हम इसका डटकर जवाब देंगे।"
क्यूबा ने की निंदा: 'पूरे लातिन अमेरिका पर हमला'
इस सैन्य कार्रवाई पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल बर्मुडेज ने हमले की तीव्र निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वैश्विक समुदाय से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल वेनेजुएला पर नहीं, बल्कि पूरे लातिन अमेरिका को डराने-धमकाने की एक साजिश है।
क्यों खास है काराकास?
काराकास केवल वेनेजुएला की राजधानी ही नहीं, बल्कि देश का सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्र भी है। उत्तरी कोर्डिलेरा दे ला कोस्टा पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित इस शहर में राष्ट्रपति भवन, रक्षा मंत्रालय, सैन्य मुख्यालय और प्रमुख खुफिया एजेंसियों के दफ्तर हैं। 30 लाख से ज्यादा की आबादी वाला यह शहर कैरेबियन सागर के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।