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BJP कार्यकर्ताओं ने भी खोली सरकार के खिलाफ मोर्चा

जालोर जिले में झाब ग्राम पंचायत को पहले पंचायत समिति घोषित करने और बाद में निर्णय निरस्त करने के मामले ने अब बड़ा आंदोलन का रूप ले लिया है। मंगलवार सुबह झाब सहित आसपास की 24 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एकजुट होकर करीब 150 से अधिक बसों, कारों और बाइक से रैली के रूप में जालोर कलेक्ट्रेट पहुंचे।

कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने बैरिकेड हटाकर अंदर घुसने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे धकेलना पड़ा। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि झाब को दोबारा पंचायत समिति घोषित करने की मांग को लेकर पिछले 31 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। लोगों ने साफ कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

इस आंदोलन में झाब क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ता भी खुलकर सामने आ गए हैं। सांचौर विधानसभा के युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा,
“मैं अपनी ही सरकार से गुजारिश करता हूं कि झाब को फिर से पंचायत समिति घोषित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है, लेकिन यहां तो उसी रीढ़ को तोड़ा जा रहा है। शायद अब पार्टी में अटल-आडवाणी वाली बात नहीं रही।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश बीजेपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
“देखते हैं हमें डंडे मारे जाते हैं या नहीं, हमें तो डंडे खाने हैं,” उन्होंने कहा।

वहीं बीजेपी कार्यकर्ता मुकेश जैन ने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि बीजेपी कार्यकर्ता का झगड़ा बीजेपी से ही हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निर्दलीय विधायक के दबाव में भादरूणा को पंचायत समिति बनाया गया, जबकि झाब में 24 गांव और करीब 84 हजार मतदाता हैं।
“झाब बीजेपी का गढ़ रहा है, कांग्रेस की यहां कभी मीटिंग तक नहीं हुई,” जैन ने कहा।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि झाब और भादरूणा के बीच की दूरी मात्र 10–11 किलोमीटर है। झाब की जनसंख्या 5,628 है, जबकि भादरूणा की आबादी सिर्फ 3,232 है। इसके बावजूद झाब को पंचायत समिति से हटाने का फैसला न केवल अनुचित है, बल्कि जनभावनाओं के खिलाफ भी है।

प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल ग्रामीण और बीजेपी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे हैं और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।