अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विमान में तकनीकी खराबी की वजह से उसे रास्ते में यूटर्न लेना पड़ा। व्हाइट हाउस के मुताबिक, टेकऑफ के बाद क्रू को एक मामूली इलेक्ट्रिकल खराबी का पता चला था, जिसके बाद वे वॉशिंगटन लौट आए।
ट्रम्प आज सुबह स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए रवाना हुए थे। वे यहां वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में शामिल होंगे और अपनी ग्रीनलैंड पॉलिसी पर भाषण देंगे।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद वापस मुड़ने का फैसला किया। इसके बाद एयर फोर्स वन सुबह करीब 9:30 बजे मैरीलैंड में सुरक्षित उतरा।
विमान उतरने के लगभग एक घंटे बाद ट्रम्प दूसरे विमान से दावोस के लिए रवाना हो गए। इस दूसरे विमान को भी एयर फोर्स वन के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है।
ट्रम्प की आधिकारिक यात्राओं के लिए फिलहाल बोइंग 747-200B का एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस बेड़े में ऐसे दो विमान हैं, जो करीब चार दशक पुराने हैं। अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग इनके नए विकल्प तैयार कर रहा है, लेकिन इस प्रोजेक्ट में देरी हो रही है।
पिछले साल कतर के शाही परिवार ने ट्रम्प को एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट दिया था, जिसे एयर फोर्स वन फ्लीट में शामिल किया जाना है। इस फैसले पर काफी सवाल उठे थे। फिलहाल उस विमान को सुरक्षा मानकों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रम्प दावोस जा रहे हैं। वे ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने के एजेंडे के साथ बुधवार शाम करीब 7 बजे दुनिया को संबोधित करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प का यह भाषण ऐसे वक्त पर हो रहा है जब दुनियाभर में राजनीतिक तनाव, व्यापार युद्ध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे तेजी से गहराते जा रहे हैं। यही वजह है कि दावोस में ट्रम्प की मौजूदगी और उनके हर बयान पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
डोनाल्ड ट्रम्प WEF में भाषण देने के बाद एक खास उच्चस्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत के 7 बड़े कारोबारी नेताओं को आमंत्रित किया गया है।