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UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आज आठवां दिन है। इस दौरान, ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम कथित तौर पर तबाह हो गया है, जिसकी कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है। यह रडार सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने के लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका के पास केवल 7-8 THAAD सिस्टम हैं, जिससे इसे एक बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है।

इस बीच, ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के बाद भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। ईरान ने 28 फरवरी को भारत से मदद मांगी थी, जिसके बाद 1 मार्च को इसे कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मिली और यह 4 मार्च को बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू सदस्य फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। IRIS लावन हाल ही में 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था।

इससे पहले, अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे। अमेरिका इजराइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार देगा। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार किया है। US-इजराइल हमलों में ईरान में 1484 लोगों की मौत हुई है और 1300 हमले हुए हैं, जिनमें 14 मेडिकल सेंटर भी निशाना बने हैं। ईरान में कई जगह पानी और बिजली की सप्लाई भी ठप हो गई है। दावा किया गया है कि ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह हो गए हैं, जबकि ईरान का कहना है कि कुवैत, बहरीन और यूएई में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा है।