बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को वोटिंग जारी है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं।
खुलना में झड़प: खुलना में एक वोटिंग सेंटर के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में एक बीएनपी (BNP) नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। बीएनपी का आरोप है कि उनकी मौत जमात के एक नेता के धक्के से हुई, जिससे वे एक पेड़ से टकरा गए। वहीं, जमात नेता का दावा है कि कोच्चि हंगामे के दौरान बीमार पड़ गए और उन्हें हार्ट अटैक आ गया।
देसी बम धमाके: बांग्लादेश के मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर इलाके में वोटिंग सेंटर के बाहर देसी बम फेंके गए। मुंशीगंज-3 में धमाके के बाद कुछ समय के लिए वोटिंग रोकी गई थी, जो अब फिर से शुरू हो गई है। गोपालगंज सदर इलाके में हुए धमाके में दो अंसार जवान (अर्द्धसैनिक बल) और एक 14 साल की लड़की घायल हो गई।
मतदान और मतदाता: बांग्लादेश में लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम मानी जा रही है, क्योंकि लगभग आधे मतदाता (18 से 37 साल) हैं, जिनमें से करीब 45.7 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। बांग्लादेश चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक देश के 42,651 मतदान केंद्रों में से करीब 32,789 केंद्रों पर लगभग 33% मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के सीनियर अधिकारी अख्तर अहमद ने बताया कि पूरे देश में मतदान शांति से चल रहा है और अभी तक किसी भी मतदान केंद्र पर वोटिंग रोकने की खबर नहीं मिली है।
मतदान अधिकारी की मौत: बांग्लादेश के सराइल इलाके में गुरुवार सुबह वोटिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद एक मतदान अधिकारी मुजाहिदुल इस्लाम (48) की तबीयत खराब होने से मौत हो गई। वे एक शिक्षक थे और हलुआपाड़ा के रहने वाले थे।
तस्लीमा नसरीन की चिंता: बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर बीएनपी चुनाव जीतती है, तो बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी पार्टी बन सकती है, क्योंकि अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा हुआ है। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष राजनीति की ओर लौटने की अपील की है।
नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के मुख्य वादे: चुनाव में नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) ने कई वादे किए हैं, जिनमें पांच साल में 1 करोड़ नौकरियां, न्यूनतम मजदूरी 100 टका प्रति घंटा, संसद में महिलाओं के लिए 100 सीटें आरक्षित करना, 6 महीने का वेतन सहित मातृत्व अवकाश, मंत्रियों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों की आय और संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करना, और हिंदुओं तथा अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष स्वतंत्र जांच सेल बनाना शामिल है।
सेना प्रमुख का मतदान: बांग्लादेश सेना प्रमुख वकार जमान ने अपने गृहनगर में वोट डाला। इससे पहले उन्होंने लोगों से बिना डरे वोट डालने की अपील की थी।