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5 घंटे तक बेटे को बचाने की कोशिश, फिर देखते ही देखते खत्म हो गया पूरा परिवार

5 घंटे तक बेटे को बचाने की कोशिश, फिर देखते ही देखते खत्म हो गया पूरा परिवार

मां की गुहार भी नहीं रोक सकी त्रासदी

"बेटा, तेरे पापा के साथ अनबन है ना? मैं अभी अपना मंगलसूत्र उतारकर फेंक देती हूं। तेरे पिता को छोड़ दूंगी, लेकिन मुझे छोड़कर मत जा।"

यह शब्द एक बेबस मां के थे, जो अपने 19 वर्षीय बेटे को मौत के मुंह से वापस लाने के लिए पहाड़ी की खतरनाक चट्टान पर खड़ी होकर रो-रोकर मिन्नतें कर रही थी। लेकिन कुछ ही पलों बाद ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम हुआ जिसने पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

मोबाइल EMI और पारिवारिक तनाव बना विवाद की वजह

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के तिसगांव क्षेत्र स्थित खवड्या डोंगर पर शुक्रवार को यह हृदयविदारक घटना सामने आई। झाल्टा फाटा निवासी 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे का अपने पिता मुरलीधर चांदगुडे से पारिवारिक खर्चों और मोबाइल फोन की बकाया ईएमआई को लेकर विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि इसी तनाव के चलते कुणाल शुक्रवार सुबह पहाड़ी के खतरनाक किनारे पर पहुंच गया और वहां से हटने से इनकार कर दिया।

5 घंटे तक चला बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे तक कुणाल को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें चलती रहीं।

परिजन, पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग लगातार उसे जीवन की ओर लौटने के लिए मनाते रहे, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा। कुणाल बार-बार यही कहता रहा कि उसकी बात कोई नहीं सुनता और उसकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं बचा है।

मां ने उतार दिया मंगलसूत्र

बेटे को मनाने के लिए मां संगीता चांदगुडे ने भावुक होकर अपना मंगलसूत्र तक उतारकर फेंक दिया। उन्होंने बेटे से कहा कि यदि पिता से उसकी नाराजगी है तो वह पति को भी छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन बेटा उन्हें छोड़कर न जाए।

मां की इस भावनात्मक अपील के बाद कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि कुणाल शांत हो रहा है और शायद वापस लौट आएगा।

एक पल की जल्दबाजी और तीन जिंदगियां खत्म

इसी दौरान बेटे को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश में पिता मुरलीधर तेजी से उसकी ओर बढ़े। बताया जा रहा है कि फिसलन भरे पहाड़ी किनारे पर संतुलन बिगड़ने से पिता और पुत्र दोनों गहरी खाई में गिर गए।

यह दृश्य देखकर मां संगीता पूरी तरह टूट गईं। पति और इकलौते बेटे को आंखों के सामने गिरते देख उन्होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी।

तीनों पत्थरों से टकराते हुए नीचे जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इलाके में शोक, पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और अधिकारियों ने लोगों से मानसिक तनाव की स्थिति में परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से संवाद बनाए रखने की अपील की है।

एक परिवार, तीन मौतें और कई सवाल

यह हादसा केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि संवादहीनता, मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की भी याद दिलाता है। कुछ मिनटों के भीतर एक मां, एक पिता और एक बेटे की जिंदगी खत्म हो गई, पीछे छोड़ गईं केवल यादें और अनगिनत सवाल।

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