STF के मुताबिक, आसिफ अली पर पति-पत्नी समेत छह हत्याओं के मामलों में वांछित था। वह छैमार गैंग का सक्रिय सरगना बताया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, गैंग का वारदात करने का तरीका बेहद खतरनाक था। आरोपी रात के समय कच्छा-बनियान पहनकर अपने साथियों के साथ घरों में घुसता था और परिवार के लोगों को बंधक बनाकर लूटपाट करता था। कई मामलों में डकैती के बाद परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आसिफ अपना नाम और पहचान बदलकर दूसरे जिलों और राज्यों में छिप जाता था। उसकी ज्यादातर घटनाओं में इसी तरह का पैटर्न सामने आया था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान और हरियाणा में भी मुकदमे दर्ज थे।
नोएडा STF यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि आसिफ अली अंबेडकरनगर में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलने के बाद STF टीम ने इलाके में उसकी तलाश शुरू की और जगदीशपुर गांव के पास घेराबंदी कर दी।
पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देखकर आसिफ बाइक मोड़कर भागने लगा। STF टीम ने उसका पीछा किया तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। इस दौरान STF के एक सिपाही के दाहिने हाथ में गोली लग गई। इसके बाद टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आसिफ अली को दो गोलियां लगीं।
घायल हालत में STF टीम उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, 12 बोर का तमंचा और बाइक बरामद की है।
STF के मुताबिक, आसिफ अली पर जौनपुर में हुई डकैती और दो महिलाओं की हत्या के मामले में एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। जौनपुर में उसने डकैती के दौरान दो महिलाओं की हत्या कर दी थी, जबकि तीन अन्य लोगों पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था।
आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आसिफ अली और उसके गैंग ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था।
19 अक्टूबर 2013:
सुल्तानपुर में आसिफ ने अपने गैंग के करीब 10 सदस्यों के साथ एक घर में घुसकर डकैती डाली थी। परिवार को बंधक बनाया गया था और इस दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी।
2014 में जौनपुर के शाहगंज में वारदात:
आसिफ और उसके साथियों ने एक घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाया। लाखों रुपये के जेवर और नकदी लूट ली गई। इस दौरान परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
15 अगस्त 2015, कौशांबी:
गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर घर में डकैती की गई। परिवार को बंधक बनाया गया और पति-पत्नी की हत्या कर दी गई।
19 अगस्त 2015, मुजफ्फरनगर:
आसिफ ने करीब 10 साथियों के साथ महावीर सिंह के घर में घुसकर डकैती डाली। उनकी बहू पर धारदार हथियार से हमला किया गया। उसी रात इलाके के पांच अन्य घरों में भी चोरी और डकैती की वारदातें सामने आईं।
13 जनवरी 2021, कानपुर देहात:
रसूलाबाद क्षेत्र में घर में घुसकर तासीम नाम के व्यक्ति की हत्या का आरोप भी आसिफ अली पर था।
STF अधिकारियों के अनुसार, आसिफ अली की मौत के बाद उसके आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल पुलिस उसके अन्य साथियों और गैंग से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।