Crime

सीकर में करंट लगने से युवक की मौत, परिजनों ने शराब ठेके के सेल्समैन पर लगाया हत्या का आरोप

राजस्थान के सीकर शहर में करंट लगने से एक 43 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने शराब ठेके के सेल्समैन पर जानबूझकर करंट लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के विरोध में परिजनों ने एसके अस्पताल में धरना भी दिया।

मृतक की पहचान हकीम साहब की दरगाह के पास रहने वाले मंसूर अली के रूप में हुई है। उनके पिता मोहम्मद सलीम ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे मंसूर सीकर के मीनाक्षी सिनेमा के सामने स्थित जगदंबा वाइन शॉप पर शराब खरीदने गया था। उस समय ठेके पर मोहम्मद रब्बानी, अकरम और सेल्समैन नरपत मौजूद थे।

परिजनों के अनुसार, शराब खरीदने के दौरान पैसों के लेन-देन को लेकर मंसूर और ठेके पर मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद सेल्समैन नरपत ने ठेके की खिड़की से बिजली का तार लगाकर करंट छोड़ा, जिसकी चपेट में आने से मंसूर की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद सेल्समैन और उसके साथी मंसूर को शराब ठेके के सामने सड़क पर छोड़कर दुकान बंद कर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने एसके अस्पताल में धरना देकर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

कोतवाली थाना के सब इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस को प्रारंभिक सूचना मिली थी कि बारिश के दौरान स्ट्रीट लाइट के पोल के पास एक व्यक्ति को करंट लग गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली गई है और उनकी जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों की ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि युवक को करंट किस परिस्थिति में लगा और क्या यह हादसा था या जानबूझकर की गई कार्रवाई।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।