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मेडिकल रिपोर्ट में हैवी MLC बनाने के लिए 35 हजार की रिश्वत, डॉक्टर का कथित दलाल गिरफ्तार; वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डिटेन

भरतपुर जिले के नदबई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजकीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उसके कथित दलाल को पकड़ा है। धौलपुर चौकी की टीम ने 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दलाल त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वहीं, रिश्वत मांगने के आरोपी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा को उनके सरकारी आवास से डिटेन किया गया।

मारपीट के मामले में मेडिकल रिपोर्ट के लिए मांगी रिश्वत

एसीबी के अनुसार, परिवादी ने नदबई थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में उसके परिजनों की चोटों का मेडिकल मुआयना राजकीय चिकित्सालय नदबई में होना था।

आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में हैवी एमएलसी बनाने के बदले 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के मुताबिक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा कथित तौर पर अपने दलाल त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू के जरिए रिश्वत की मांग कर रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी धौलपुर चौकी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

पेंट की जेब से बरामद हुई रिश्वत की रकम

एसीबी भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और धौलपुर चौकी के पुलिस उप अधीक्षक प्रेमचंद्र मीणा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

ट्रैप के दौरान त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। एसीबी के मुताबिक, रिश्वत की रकम आरोपी की पहनी हुई पेंट की जेब से बरामद हुई।

वहीं, रिश्वत मांगने के आरोपी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा को उनके सरकारी आवास से डिटेन किया गया। एसीबी की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है और रिश्वत के पूरे नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परमिला के सुपरविजन में मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

एसीबी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा। जांच में रिश्वत मांगने से लेकर रकम लेने तक की पूरी प्रक्रिया को खंगाला जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

एसीबी ने जारी की हेल्पलाइन

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से रिश्वत मांगने की शिकायत तत्काल करने की अपील की है। एसीबी के मुताबिक, किसी व्यक्ति के खिलाफ अभियोग, प्राथमिक जांच या अन्य कोई प्रकरण दर्ज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सीधे एसीबी से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है।

एसीबी ने लोगों को धोखाधड़ी से बचने के लिए भी सतर्क रहने को कहा है। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 9413502834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

एसीबी ने आमजन से अपने वैध कार्यों के लिए रिश्वत मांगे जाने पर शिकायत करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है।