Rajasthan

निकाय चुनाव टिकट पर BJP-कांग्रेस में घमासान: जयपुर में नारेबाजी, भरतपुर विवाद पर परनामी की सफाई; अलवर-जोधपुर में भी विरोध

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव के टिकटों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों में अंदरूनी खींचतान सामने आने लगी है। जयपुर स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में रविवार को जयपुर संभाग के टिकटों को लेकर रायशुमारी और मंथन का दौर जारी रहा। इसी बीच मुख्यालय के बाहर सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर टिकट वितरण को लेकर नाराजगी जताई।

सिविल लाइंस के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधायक गोपाल शर्मा और उनके बेटे ने विधानसभा क्षेत्र के 16 वार्डों में अपने चहेते लोगों को टिकट दिलाने का आश्वासन दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे विश्वस्त और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

भरतपुर में विवाद पर अशोक परनामी की सफाई

भरतपुर संभाग के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी के घर शनिवार को टिकटों को लेकर बैठक हुई थी। इस बैठक में पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव और करौली बीजेपी जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं।

मामले पर अशोक परनामी ने विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनके घर पर हुई बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ। परनामी ने कहा कि न तो राजकुमारी जाटव ने चप्पल दिखाई और न ही जिला अध्यक्ष ने उनका गला दबाने का प्रयास किया।

परनामी के मुताबिक बैठक में टिकट को लेकर दोनों नेताओं की राय अलग-अलग थी। जिला अध्यक्ष एक नाम का समर्थन कर रहे थे, जबकि राजकुमारी जाटव दूसरे नाम की पैरवी कर रही थीं। चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने मिलकर एक नाम पर सहमति बना ली।

बीजेपी मुख्यालय से 11 चुनाव प्रचार रथ रवाना होंगे

निकाय चुनाव के बीच बीजेपी की ओर से चुनावी अभियान को भी गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार शाम प्रदेश बीजेपी मुख्यालय से 11 चुनाव प्रचार रथों को रवाना करेंगे। ये प्रचार रथ प्रदेश के 25 लोकसभा क्षेत्रों में भेजे जाएंगे।

वहीं बीजेपी मुख्यालय से अलवर नगर निगम के टिकट के दावेदारों को फोन आने शुरू हो गए हैं। जानकारी के अनुसार 65 वार्डों में से 30 से ज्यादा दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहा गया है। इससे टिकट वितरण को लेकर पार्टी की तैयारियों के संकेत मिल रहे हैं।

अलवर में कांग्रेस दावेदारों ने जताई नाराजगी

उधर कांग्रेस में भी टिकट वितरण से पहले विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं। अलवर में कई वार्डों के दावेदारों को टिकट नहीं मिलने की आशंका है। ऐसे में रविवार सुबह कई दावेदार कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत के घर पहुंचे।

दावेदारों ने साफ कहा कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया तो उसका विरोध किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे स्थानीय नेताओं को ही चुनाव मैदान में उतारा जाना चाहिए।

जोधपुर में भी पैराशूट उम्मीदवार का विरोध

जोधपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 4 के कांग्रेस कार्यकर्ता भी टिकट वितरण को लेकर शहर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने संभावित पैराशूट उम्मीदवार को टिकट दिए जाने का विरोध किया।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर बाहर से उम्मीदवार थोपना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से स्थानीय कार्यकर्ता को ही टिकट देने की मांग की।

राजस्थान में निकाय चुनाव के टिकटों को लेकर दोनों प्रमुख दलों में सामने आ रही यह नाराजगी टिकट वितरण की चुनौती को दिखाती है। जयपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से लेकर अलवर और जोधपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध तक, कई जगह पार्टी नेतृत्व को स्थानीय दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।

अब सभी की नजर बीजेपी और कांग्रेस की आधिकारिक प्रत्याशी सूचियों पर है। टिकटों की घोषणा के बाद यह साफ होगा कि पार्टी नेतृत्व किस गुट और किस दावेदार पर भरोसा जताता है और नाराज कार्यकर्ताओं को किस तरह साधा जाता है।