Rajasthan

कोटा में बालकनी से गिरी डेढ़ साल की बच्ची, दो दिन इलाज के बाद मौत; खेलते समय बिगड़ा था संतुलन

कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में एक दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची खेलते-खेलते घर की पहली मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गई थी। करीब 14 फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन तक इलाज चलने के बाद शुक्रवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया।

हादसा कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में 6 अगस्त को हुआ था। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों की सहमति के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया।

मां के साथ बालकनी में खड़ी थी बच्ची

जवाहर नगर थाना पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल सुरेश चंद ने बताया कि मृतक बच्ची की पहचान डेढ़ वर्षीय परी के रूप में हुई है। परी के पिता जितेंद्र राय मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह अपने परिवार के साथ कोटा के जवाहर नगर इलाके में किराए के मकान में रहते हैं और मजदूरी का काम करते हैं।

पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त की सुबह जितेंद्र राय रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से बाहर चले गए थे। घर पर उनकी पत्नी और डेढ़ साल की बेटी परी मौजूद थीं। दोपहर करीब एक बजे मां और बेटी मकान की पहली मंजिल की बालकनी में खड़े थे।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान बच्ची खेल रही थी। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह बालकनी से नीचे जा गिरी। बच्ची करीब 14 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरी थी। हादसा होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

गंभीर हालत में अस्पताल ले गए

बच्ची के नीचे गिरने की जानकारी मिलते ही परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे एमबीएस अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार बच्ची को लेकर एमबीएस अस्पताल पहुंचा, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।

परिजनों को उम्मीद थी कि इलाज के बाद बच्ची की हालत में सुधार होगा, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी रही। डॉक्टरों की निगरानी में करीब दो दिन तक उसका उपचार चला। इसके बावजूद बच्ची की हालत में सुधार नहीं हो सका।

शुक्रवार देर शाम तोड़ा दम

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान डेढ़ साल की परी ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हादसे के बाद से परिजन सदमे में हैं।

बच्ची के ताऊ ने बताया कि परी तीन बहनों में सबसे छोटी थी। परिवार के लिए वह बेहद दुलारी थी। अचानक हुए हादसे में बच्ची की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

पोस्टमार्टम नहीं कराया गया

बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और परिजनों से बातचीत की। परिजनों की सहमति के बाद बच्ची के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया।

पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने बच्ची का अंतिम संस्कार किया।

यह हादसा छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाता है। खासकर घर की बालकनी और ऊंचाई वाले स्थानों पर छोटे बच्चों की निगरानी बेहद जरूरी है। डेढ़ साल की उम्र में बच्चे तेजी से चलने और खेलने लगते हैं, लेकिन उन्हें ऊंचाई के खतरे का अंदाजा नहीं होता। ऐसे में बालकनी की रेलिंग और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

जवाहर नगर थाना पुलिस के अनुसार, घटना को लेकर परिजनों से जानकारी ली गई है। प्रारंभिक जानकारी में बच्ची के बालकनी से गिरने की बात सामने आई है। परिवार की ओर से किसी तरह की आशंका या शिकायत नहीं जताई गई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।