Rajasthan

झमाझम बारिश भी नहीं डिगा सकी आस्था, रींगस-खाटू मार्ग पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

खाटूश्यामजी। श्याम भक्तों की अटूट आस्था का अनूठा नजारा शनिवार को रींगस-खाटूश्यामजी पदयात्रा मार्ग पर देखने को मिला। सुबह से लगातार हो रही तेज बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। भीगते कपड़ों, कीचड़ भरे रास्तों और जलभराव के बीच भी भक्तों के कदम नहीं रुके और पूरा मार्ग "जय श्री श्याम" के जयघोष से गूंजता रहा।

इस दौरान महाराष्ट्र से आई 840 महिलाओं का विशाल जत्था रींगस से खाटू धाम तक पदयात्रा करता नजर आया। महिलाएं बारिश की परवाह किए बिना भक्ति गीत गाते हुए और बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थीं। श्रद्धालुओं का कहना था कि आस्था के आगे बारिश जैसी कठिनाइयों का कोई महत्व नहीं है और बाबा का बुलावा ही उन्हें यहां तक खींच लाया है।

वहीं, बारां जिले के वीरेन्द्र प्रजापति अपनी मनोकामना पूरी होने पर अनूठी श्रद्धा का परिचय देते हुए दंडवत यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने बाबा श्याम से पुत्र प्राप्ति की मनोकामना की थी। बाबा की कृपा से इच्छा पूरी होने के बाद अब वे रींगस से खाटू धाम तक पेट के बल दंडवत करते हुए यात्रा कर रहे हैं। मूसलाधार बारिश, सड़क पर भरे पानी और कठिन रास्तों के बावजूद उनकी श्रद्धा अडिग दिखाई दी।

हालांकि, लगातार बारिश के कारण रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर जमा पानी ने रींगस उपखंड प्रशासन और नगर पालिका की ड्रेनेज व्यवस्था की भी पोल खोल दी। पानी और कीचड़ के कारण पदयात्रियों के साथ-साथ आम राहगीरों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।

बारिश और अव्यवस्थाओं के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कठिन परिस्थितियों में भी भक्त पूरे जोश और विश्वास के साथ बाबा श्याम के दरबार की ओर बढ़ते रहे। रींगस से खाटू धाम तक का पूरा मार्ग श्रद्धा, भक्ति और जय श्री श्याम के जयघोष से गूंजता रहा, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची आस्था के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है।