कोटा: अजमेर से जबलपुर जा रही दयोदय एक्सप्रेस के एसी (AC) कोच में रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब यात्रियों के बीच ट्रेन में सांप होने की खबर फैल गई। करीब दो घंटे तक यात्री डर के साए में रहे, लेकिन जब ट्रेन कोटा स्टेशन पहुंची और जांच की गई, तो मामला कुछ और ही निकला।
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे दयोदय एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंचने से पहले ही रेलवे प्रशासन और आरपीएफ (RPF) सतर्क हो गए थे। शाम 7 बजे सूचना मिली थी कि ट्रेन के एसी कोच में सांप देखा गया है। ट्रेन के रुकते ही गोविंद शर्मा और आरपीएफ के जवान कोच के अंदर दाखिल हुए और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
कोच संख्या A1 और A2 में करीब 10 मिनट तक सीटों के नीचे और कोनों में सांप की तलाश की गई। इस दौरान यात्रियों से पूछताछ करने पर पता चला कि एक बच्चे के पास करीब डेढ़ फीट लंबा रबर का नकली सांप था। बच्चे के परिजनों ने बताया कि खेलते समय वह सांप बच्चे के हाथ से छूटकर सीट के नीचे चला गया था। अंधेरे और कम रोशनी के कारण किसी अन्य यात्री ने उसे असली सांप समझ लिया और शोर मचा दिया।
सांप की खबर फैलते ही ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। गश्त कर रहे आरपीएफ के जवान सवाई माधोपुर से कोटा के बीच भी कोच में सांप को तलाशते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। एहतियात के तौर पर रेल प्रशासन ने कोटा स्टेशन पर एक एक्स्ट्रा कोच का इंतजाम भी कर रखा था ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को शिफ्ट किया जा सके।
पूरी जांच के बाद जब यह साफ हो गया कि कोच में कोई असली सांप नहीं है और वह महज एक खिलौना था, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए जबलपुर के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को देखकर बिना पुष्टि किए घबराएं नहीं और तत्काल रेल स्टाफ को सूचित करें।