करणसिंह के जाने से महज कुछ घंटे पहले तक घर में सब सामान्य था। 1 फरवरी की शाम को उन्होंने अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी।
आखिरी शब्द: करणसिंह ने मां को बताया था कि वे अपनी ड्यूटी पूरी करके आए हैं और अब बस खाना खाने जा रहे हैं।
स्तब्ध परिवार: इस बातचीत के ठीक 3 घंटे बाद सिलीगुड़ी से आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) का फोन आया, जिन्होंने करणसिंह के निधन की जानकारी दी। एक पल में खुशियां मातम में बदल गईं और परिवार यह सोचकर स्तब्ध है कि चंद घंटों में ऐसा क्या हुआ। अभी तक मौत के स्पष्ट कारणों की जानकारी परिवार को नहीं मिल पाई है।
करणसिंह राठौड़ का चयन दिसंबर 2022 में भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत हुआ था। वे 17 कॉर्स सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे। युवाओं के लिए प्रेरणा बने करणसिंह अपने व्यवहार और देशप्रेम के लिए गांव में काफी लोकप्रिय थे। उनके रिश्तेदार चतर सिंह राठौड़ ने बताया कि करण हमेशा सेना में जाने का सपना देखते थे और भर्ती होने के बाद वे बेहद गर्व के साथ सेवा दे रहे थे।
शहीद का पार्थिव शरीर सिलीगुड़ी से विमान द्वारा दिल्ली लाया गया है।
शेड्यूल: बुधवार सुबह पार्थिव देह को श्रीमाधोपुर पुलिस थाने लाया जाएगा।
तिरंगा रैली: थाने से उनके पैतृक गांव 'राठौड़ों की ढाणी' तक एक विशाल तिरंगा रैली निकाली जाएगी, जिसमें क्षेत्र के हजारों युवा शामिल होंगे।
अंतिम संस्कार: बुधवार दोपहर को पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ करणसिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा।