पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें (गहलोत को) कौन पूछ रहा है, इसकी चिंता मुख्यमंत्री को नहीं करनी चाहिए. गहलोत ने इसे अपनी पार्टी का अंदरूनी मामला बताया और मुख्यमंत्री को अपने मुद्दों पर ध्यान देने को कहा है.
गहलोत ने मुख्यमंत्री शर्मा के इस बयान पर भी पलटवार किया कि वे (गहलोत) अपने बेटे के बारे में क्या कह रहे थे. गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बेटे को मुख्यमंत्री निवास पर नहीं बल्कि अलग किराए के मकान में रखा था.
गहलोत ने मुख्यमंत्री के सलाहकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री को बर्बाद कर देंगे और उन्हें निकाल देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे कुछ और पूछ रहे हैं और मुख्यमंत्री कुछ और जवाब दे रहे हैं, जिससे उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा है. गहलोत ने कहा कि ऐसा उन्होंने कभी नहीं देखा और थोड़ी शर्म भी आनी चाहिए कि जनता क्या सोचेगी.
परिवार के सदस्यों को राजनीति में लाने के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने बेटों को सरकार से दूर रखने को कहा था, न कि राजनीति से. उन्होंने मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों, और बीजेपी से भी आग्रह किया कि वे अपने परिवार के लोगों - बेटा, बेटी, साला, साली - को आगे लाएं. गहलोत के अनुसार, इससे नई पीढ़ी को उनके अनुभवों का लाभ मिलेगा और परिवार के लोगों को राजनीति में लाने में कोई हर्ज नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने परिवार के लोगों को सरकार में दूर रखने के लिए कहा था, उस बात को गोल कर दिया गया है.