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जोधपुर प्रवास के बाद गहलोत का बीजेपी पर हमला, बोले- प्रदेश में शासन व्यवस्था चरमराई, विपक्षी क्षेत्रों की हो रही उपेक्षा

जोधपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन दिवसीय जोधपुर प्रवास के बाद मंगलवार को रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जोधपुर सहित पूरे संभाग की लगातार उपेक्षा की जा रही है। गहलोत ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गहलोत ने कहा कि उन्हें संतोष है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को मीडिया ने गंभीरता से जनता और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के हालात चिंताजनक हैं और सरकार को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं और उनके निर्वाचन क्षेत्रों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री या विपक्ष के क्षेत्रों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में कभी भी इस तरह की राजनीति नहीं की गई, जबकि वर्तमान सरकार राजनीतिक विचारधारा के आधार पर विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित कर रही है।

गहलोत ने प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णयों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ गया है और कई सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय विधायक एवं सांसदों तक को आमंत्रित नहीं किया जाता। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है और जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर हो रही है।

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए गहलोत ने कहा कि विभिन्न विभागों के भुगतान लंबित हैं, कई लोगों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है और अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। उन्होंने सरकार से वास्तविक वित्तीय स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करने की मांग की।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। गहलोत ने ऑक्सीजन की उपलब्धता और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की परेशानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ भ्रष्टाचार के मामलों के आधार पर पूरी व्यवस्था को प्रभावित करना उचित नहीं है। इससे सबसे अधिक नुकसान आम मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने हाल के भूमि कब्जों और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में जमीन कब्जाने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा कि हत्या, डकैती और ब्लाइंड मर्डर जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने लोहावट क्षेत्र में हाल ही में महिला और बच्ची की हत्या की घटना का भी उल्लेख किया।

मानगढ़ धाम के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वहां राष्ट्रीय स्मारक और राजकीय परिसर विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री से स्वयं हस्तक्षेप कर इस परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की।

कांग्रेस संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव तक सभी नेता मिलकर काम करेंगे और कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। अंत में उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता वर्तमान सरकार से निराश है और प्रदेश में बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है।