टोंक: राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में आज सुबह उस समय भारी हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब एक आदमखोर लेपर्ड (तेदुंआ) घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक शराब की दुकान (ठेके) के अंदर घुस गया। लेपर्ड ने कस्बे में जमकर आतंक मचाया और एक के बाद एक कुल 3 लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इस बेहद खतरनाक स्थिति में शराब दुकान के सेल्समैन ने गजब की बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने लेपर्ड के हमले से खुद को बचाते हुए फुर्ती से दुकान का शटर नीचे गिरा दिया और लेपर्ड को दुकान के भीतर ही कैद कर दिया। इसके बाद जयपुर से बुलाई गई वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लेपर्ड पर काबू पाया।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम सुबह करीब 8:45 बजे शुरू हुआ। कस्बे के लोगों ने सबसे पहले जंगली इलाके से सटे क्षेत्र में झाड़ियों के पीछे एक लेपर्ड को घूमते हुए देखा।
पहला हमला: ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन मित्र राकेश को दी। राकेश जैसे ही लेपर्ड की लोकेशन ट्रेस करने के लिए झाड़ियों के करीब पहुंचे, घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने अचानक उन पर छलांग लगा दी और हमला कर दिया।
बाजार की तरफ भागा: इस हमले के बाद चीख-पुकार मची तो लेपर्ड वहां से भाग निकला और करीब 400 मीटर दूर स्थित मुख्य बाजार की तरफ आ गया, जहां शराब का ठेका स्थित था।
बाजार में पहुंचते ही लेपर्ड ने तबाही मचाना शुरू कर दिया। उसकी राह में जो भी आया, वह उसे अपना निशाना बनाने लगा:
दूसरा हमला: शराब दुकान के ठीक बाहर बैठे 40 वर्षीय फतेह लाल कोली पर लेपर्ड ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह जख्मी कर दिया।
तीसरा हमला: फतेह लाल को लहूलुहान करने के बाद लेपर्ड सीधे शराब दुकान के खुले दरवाजे से अंदर घुस गया। उस समय दुकान के काउंटर पर 25 वर्षीय सेल्समैन संजय गुर्जर मौजूद था। लेपर्ड ने संजय पर भी हमला बोल दिया।
दुकान के भीतर अचानक हुए इस जानलेवा हमले से सेल्समैन संजय गुर्जर एक पल के लिए सहम गया, लेकिन उसने तुरंत हिम्मत जुटाई। संजय ने लेपर्ड से मुकाबला करते हुए जैसे-तैसे अपनी जान बचाई और काउंटर के पीछे से निकलकर दुकान से बाहर की तरफ भागा।
बाहर निकलते ही संजय ने बिना एक पल गंवाए भारी शटर को नीचे खींच दिया और बाहर से ताला लगा दिया। इस तरह, आदमखोर लेपर्ड दुकान के भीतर ही बंद होकर रह गया। यदि सेल्समैन यह बहादुरी नहीं दिखाता, तो लेपर्ड बाजार की तंग गलियों में घुसकर कई अन्य मासूमों की जान ले सकता था।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वन मित्र राकेश को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि लेपर्ड के दांत और नाखूनों के गहरे घाव के कारण सेल्समैन संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया है।
मालपुरा डीएसपी आशीष प्रजापति ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सेल्समैन द्वारा शटर बंद कर देने के कारण लेपर्ड सुरक्षित रूप से अंदर ही कैद रहा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने जयपुर के झालाना स्थित वन विभाग की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को आपातकालीन संदेश भेजकर बुलाया। दोपहर करीब 2:00 बजे जयपुर से पहुंची टीम ने दुकान का शटर आंशिक रूप से उठाकर लेपर्ड को गन की मदद से ट्रैंकुलाइज (बेहोश) किया। करीब 5 घंटे चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और कस्बे के लोगों ने राहत की सांस ली। बेहोश लेपर्ड को पिंजरे में डालकर सुरक्षित प्राकृतिक आवास की ओर ले जाया गया है।