नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा। हंगामे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
संसद भवन परिसर में विपक्ष का सख्त विरोध देखने को मिला:
काले कपड़ों में विरोध: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी दलों के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे।
संसद परिसर में प्रदर्शन: विपक्षी नेताओं ने संसद भवन परिसर में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की:
गंभीर आरोप: अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस ने बर्बरता की और प्रदर्शनकारी छात्राओं के कपड़े तक फाड़ दिए गए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है।
सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई:
लोकसभा: सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही केवल एक मिनट के भीतर इसे स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन लगभग 5 मिनट के हंगामे के बाद इसे फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा: राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
हंगामे के बीच सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की:
सदन में चर्चा की पेशकश: किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की पेशकश कर रही है।
नियमों के तहत बातचीत: उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नियमों के तहत सदन में सार्थक और विस्तार से चर्चा हो, ताकि देश के युवाओं को सही संदेश मिल सके।
केसी वेणुगोपाल का बयान: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की मांग बिल्कुल साफ है—NEET धांधली और छात्रों पर हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
रविशंकर प्रसाद का पलटवार: वहीं दूसरी तरफ, भाजपा नेता और वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल छात्रों तथा युवाओं के संवेदनशील मुद्दों पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं और सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं।