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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय घेराव से पहले पुलिस ने रोका

जयपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने कमिश्नरेट कार्यालय के सामने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।

प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस मुख्यालय से निकला मार्च भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत रास्ते में ही रोक दिया। कुछ देर तक प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाने का प्रयास करते रहे, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़कर उन्हें पीछे धकेला। बाद में प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठे और फिर वापस लौट गए।

प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, युवाओं को न्याय और इस मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा से कम कांग्रेस को कुछ भी स्वीकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।

डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी वाले नाथूराम गोडसे के वंशज हैं। ये गोली चलाना जानते हैं, आंदोलनों का दमन करना जानते हैं। शासन और सुशासन इनके बस की बात नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है।

उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि "पेपर चोरी के नाम पर हमारी सरकार को बदनाम किया गया, लेकिन अब लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास इसका कोई जवाब नहीं है।"

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो कांग्रेस कार्यकर्ता हर तरह का आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, "गोली लग जाए तो भी गोविंद डोटासरा और कांग्रेस के लोग गोली खाने को तैयार हैं।"

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के हालिया प्रदर्शन को भी निशाने पर लिया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा का प्रदर्शन केवल दिखावा था। उन्होंने कहा कि "वह मैच फिक्सिंग थी। हल्की पानी की फुहारें छोड़ी गईं, फिर हंसते हुए और मिठाई खाकर घर चले गए।"

पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने प्रदर्शन के दौरान केवल राजनीतिक नाटक किया, क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों जगह उनकी ही सरकार है।

खाचरियावास ने कहा, "भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग दिखाकर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। यह पूरी तरह से नाटक था। कांग्रेस युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से लड़ाई लड़ रही है और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।"

कांग्रेस का कहना है कि देशभर में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। पार्टी इन मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांग रही है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित कर लिया गया।