Life Style

बेवजह खाने का ऑर्डर करना अब सिर्फ भूख नहीं, बल्कि मानसिक आदत भी हो सकती है

अक्सर खाने के बारे में सोचते हुए आपके हाथ भी फोन पर ही पहुंचते हैं तो संभव है कि आपको भी बेवजह खाना मंगवाने की लत हो...

आजकल मोबाइल में फूड डिलीवरी एप होना आम बात है। भूख लगी, मन किया और बस दो-तीन क्लिक में खाना घर के दरवाज़े पर। शुरुआत में यह सुविधा लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यही सुविधा कई लोगों के लिए आदत बन जाती है। कुछ लोगों को तो ख़ुद पता भी नहीं चलता कि वे कब इसके आदी हो गए।

एक व्यक्ति ने अपने अनुभव में बताया कि कैसे वह बार-बार फूड डिलीवरी एप से खाना मंगाने लगा। शुरू में हफ़्ते में एक-दो बार ऑर्डर होता था, फिर यह रोज़ की आदत बन गई। हालत यह थी कि उसकी कमाई का अच्छा-ख़ासा हिस्सा सिर्फ़ बाहर का खाना मंगाने में ख़र्च होने लगा। जब उसने इस बात का ज़िक्र अपनी मनोचिकित्सक मित्र से किया तो उसकी मित्र ने उसे बताया कि ये फूड ऑर्डरिंग लत लगने के शुरुआती संकेत हैं।

कहीं आपको भी तो ये समस्या नहीं है, ये जानने के लिए हमें फूड-ऑर्डरिंग लत लगने की क्या वजहें हैं, और कैसे इस आदत को छोड़ा जा सकता है, इसके बारे में जानकारी ली, डॉ. अर्चना शर्मा सीनियर कंसल्टेंट- साइकोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली से, जिनके अनुसार-

ये हैं कुछ ख़ास वजहें

- अक्सर फूड डिलीवरी एप से बार-बार खाना मंगाने की वजह भूख नहीं, बल्कि बोरियत, अकेलापन या तनाव होता है। ख़ाली समय में मोबाइल हाथ में आते ही एप खुल जाता है और बिना कुछ सोचे-समझे खाना मांगवा लेते हैं। - ऑर्डर किए जाने वाले अधिकांश खाने में वसा, शक्कर व नमक का उच्च स्तर होता है। ये तत्व मस्तिष्क को इस तरह से उत्तेजित करते हैं कि वे लत लगाने वाले कारक बन जाते हैं, जिससे इन्हें खाने की इच्छा और बढ़ जाती है।