क्या है वाटर वेट?
जब शरीर जरूरत से ज्यादा पानी जमा कर लेता है, तो इसे वाटर वेट कहते हैं।
बॉडी फैट के बजाय यह अचानक और तेजी से वजन बढ़ाता है।
शरीर भारी, फूला हुआ और सूजा हुआ महसूस होता है।
वाटर वेट क्यों बढ़ता है?
ज्यादा नमक खाने से: सोडियम बढ़ता है, शरीर पानी जमा करता है।
हॉर्मोनल बदलाव: पीरियड्स, थायरॉइड, प्रेग्नेंसी या एंटी-डाइयूरेटिक हॉर्मोन असंतुलन।
स्ट्रेस: कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ने से शरीर पानी और नमक जमा करता है।
कम पानी पीना: शरीर डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी रोक लेता है।
सिडेंटरी लाइफस्टाइल: ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ने से पानी जमा होता है।
नींद की कमी: हॉर्मोन असंतुलन से शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ता है।
वाटर वेट या फैट वेट कैसे पहचानें?
वाटर वेट: अचानक 1-3 किलो बढ़ा या घटा, पेट/चेहरा/हाथ-पैर सूजना, स्किन दबाने पर गड्ढा बनना।
फैट वेट: धीरे-धीरे बढ़ता है, सूजन नहीं होती।
वाटर वेट कम करने के उपाय:
पर्याप्त पानी पीएं।
नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
रोज हल्की एक्सरसाइज, योग या वॉक करें।
पर्याप्त नींद लें।
स्ट्रेस मैनेज करें।
शराब और ज्यादा कॉफी से बचें।
फाइबर, फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं।
कब डॉक्टर से कंसल्ट करें?
लंबे समय तक हाथ, पैरों, टखनों या चेहरे में सूजन बनी रहे।
पर्याप्त पानी पीने या आराम करने से सूजन कम न हो।