डीके शिवकुमार को 30 मई को हुई कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का स्थान लिया है, जिन्होंने 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सिद्धारमैया 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेतृत्व की एकजुटता भी देखने को मिली। कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए। केरल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर बेंगलुरु पहुंचे।
डीके शिवकुमार के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी शामिल है। उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने को कांग्रेस के भीतर नई पीढ़ी को अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह मंत्रिमंडल अभी पूरी तरह से गठित नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में इसका विस्तार किया जाएगा। चर्चा है कि नई कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के समर्थकों के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे को भी जगह मिल सकती है। इसके अतिरिक्त सरकार में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मौजूदा कैबिनेट के लगभग 10 मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना चाहती है।
कांग्रेस विधायक टीबी जयचंद्र ने शपथ ग्रहण से पहले जानकारी दी थी कि पहले चरण में केवल कुछ विधायक ही मंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने बताया कि विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों की प्रक्रिया 18 जून तक जारी रहेगी। इसी कारण मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 18 जून के बाद राज्य की पूरी कैबिनेट का गठन कर लिया जाएगा।
डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से ही उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा समय-समय पर उठती रही थी। अब उन्हें राज्य की कमान सौंपकर कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन का बड़ा संदेश दिया है।
शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि उनकी सरकार संविधान के मूल्यों और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने राज्य के विकास, किसानों के कल्याण, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय को अपनी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी वर्गों को साथ लेकर कर्नाटक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
उधर, शपथ ग्रहण समारोह से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त किया। पार्टी के इस फैसले को संगठन में उनकी भूमिका को और मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नई सरकार के गठन के साथ ही अब सबकी नजरें मंत्रिमंडल के अगले विस्तार और विभिन्न विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि डीके शिवकुमार अपनी नई टीम के साथ कर्नाटक की राजनीति और प्रशासन को किस दिशा में लेकर जाते हैं।