अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में संजू सैमसन की वापसी हुई है। ऐसे में ओपनिंग को लेकर एक बार फिर नए प्रयोग की संभावना दिखाई दे रही है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर एक अहम सुझाव दिया है। उनका कहना है कि भारतीय टीम ने अब तक अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के साथ अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाए हैं, लेकिन संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को बतौर ओपनिंग जोड़ी एक साथ अभी तक पर्याप्त मौका नहीं मिला है।
दासगुप्ता के मुताबिक, अगर दोनों खिलाड़ी उपलब्ध हैं तो यह देखना दिलचस्प होगा कि संजू और वैभव की जोड़ी पारी की शुरुआत करते हुए कैसा प्रदर्शन करती है।
उन्होंने साफ किया कि वह किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने की बात नहीं कर रहे हैं। उनका मानना है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम मैनेजमेंट को अलग-अलग संयोजनों को आजमाने की जरूरत है।
टीनेज सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बाद शुरुआती मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था। उन्होंने तीन मैचों में 14, 13 और 15 रन बनाए थे। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की और टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में रहे।
वैभव ने दौरे पर दो अर्धशतक लगाए। इनमें 49 गेंदों पर 81 रन की पारी खास रही। इस प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज को लेकर टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा और बढ़ गई है।
दीप दासगुप्ता ने कहा कि उनके सुझाव को किसी खिलाड़ी को बाहर करने की मांग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि उद्देश्य यह होना चाहिए कि विश्व कप से पहले हर संभावित खिलाड़ी और कॉम्बिनेशन को पर्याप्त गेम टाइम मिले।
उनके मुताबिक, टीम के पास प्रयोग करने के लिए पर्याप्त समय है। इसलिए अलग-अलग खिलाड़ियों को साथ खिलाकर यह समझना जरूरी है कि कौन सा कॉम्बिनेशन टीम के लिए सबसे बेहतर काम करता है।
दासगुप्ता ने भारतीय टी20 टीम में खिलाड़ियों के रोटेशन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पिछले छह से आठ महीनों में टी20 क्रिकेट में ऐसा नहीं है कि कोई खिलाड़ी स्थायी रूप से वापस आ गया हो या किसी को स्थायी तौर पर बाहर कर दिया गया हो।
उनके अनुसार भारतीय टीम के आसपास करीब 20 से 25 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अलग-अलग समय पर रोटेशन में खेल सकते हैं। कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जाएगा तो कुछ की वापसी होगी। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े टूर्नामेंट से दो-तीन महीने पहले एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है।
दासगुप्ता के मुताबिक, भारतीय टीम मैनेजमेंट को आगामी सीरीजों में अलग-अलग विकल्पों को परखने का मौका मिलेगा। ओपनिंग में भी यही रणनीति अपनाई जा सकती है।
ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी की संभावित ओपनिंग जोड़ी पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। हालांकि अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा।
फिलहाल संजू की वापसी और वैभव के शानदार कमबैक ने भारत के टी20 ओपनिंग कॉम्बिनेशन की बहस को फिर से हवा दे दी है। आने वाली सीरीजों में किए जाने वाले प्रयोग यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि बड़े टूर्नामेंट से पहले भारत की अंतिम ओपनिंग जोड़ी कौन सी होगी।