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अलवर में मंत्री के धरने पर गरमाई राजस्थान की सियासत, डोटासरा बोले- ‘मंत्री की नहीं सुन रहे अफसर, विधायकों को भी नहीं पूछते’

अलवर। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दे को लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठने के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है। अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा सरकार और प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।

डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अगर किसी सरकार का मंत्री अपनी ही सरकार की व्यवस्था के खिलाफ धरने पर बैठने को मजबूर हो जाए, तो इससे सरकार के भीतर की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंत्री खुद अफसरशाही पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता की स्थिति को समझा जा सकता है।

‘मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अलवर में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर वन मंत्री संजय शर्मा का धरने पर बैठना भाजपा सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार में ब्यूरोक्रेसी इतनी हावी हो गई है कि अब मंत्रियों की भी नहीं सुनी जा रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार में शामिल मंत्री की बात अधिकारी नहीं सुन रहे हैं, तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा?

‘मंत्री की नहीं सुन रहे अफसर, विधायकों को भी नहीं पूछते’

डोटासरा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अधिकारियों का दबदबा इतना बढ़ गया है कि मंत्री और विधायक भी प्रभावहीन नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर होती जा रही है और प्रशासनिक अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े मामले में अभ्यर्थियों को लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार करना पड़ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्षों पुरानी भर्ती के अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी उन्हें नियुक्ति के लिए भटकना पड़ रहा है।

कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का आरोप

डोटासरा ने कहा कि यह मामला केवल कर्मचारियों की नियुक्ति का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद सफाई कर्मचारियों को कई महीनों से नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर न्यायालय के आदेश के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो फिर प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की परेशानी को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।

‘जनता सब देख रही है’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के भीतर प्रशासनिक स्तर पर असंतोष और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ कार्रवाई के दावे करती है, लेकिन दूसरी ओर उसके अपने मंत्री अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होनी चाहिए।

मंत्री के धरने से विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा

अलवर में मंत्री संजय शर्मा के धरने पर बैठने के बाद कांग्रेस को भाजपा सरकार पर हमला करने का बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस लगातार सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली और अफसरशाही को लेकर सवाल उठाती रही है। अब डोटासरा ने मंत्री के धरने को इसी मुद्दे से जोड़ते हुए सरकार को घेरा है।

वहीं, पूरे मामले में अब सरकार और प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर है। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मुद्दा जल्द सुलझता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल मंत्री के धरने और डोटासरा के तीखे बयान ने राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।