महेंद्र शास्त्री अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी अंतिम यात्रा गुरुवार शाम 4 बजे अलवर में निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न दलों के नेता शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने महेंद्र शास्त्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री का निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। जूली ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी महेंद्र शास्त्री के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने राजनीति के साथ-साथ सहकारिता आंदोलन के माध्यम से भी समाज की सेवा की। उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लंबे समय तक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिलता रहा। गहलोत ने कहा कि उनका निधन सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि महेंद्र शास्त्री का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री का सार्वजनिक जीवन समाज और राजनीति के लिए प्रेरणास्रोत रहा। देवनानी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
महेंद्र शास्त्री का नाम राजस्थान के सहकारिता आंदोलन और जनसेवा से जुड़े प्रमुख नेताओं में लिया जाता था। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास और सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही कारण है कि उनके निधन पर राजनीतिक दलों से परे विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।
उनके निधन के साथ राजस्थान ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिन्होंने दशकों तक राजनीति और सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहकर समाज की सेवा की।