प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संन्यास ले लेना चाहिए। ऐसा हुआ तो देश और लोकतंत्र दोनों बच जाएंगे। इतना ही नहीं डोटासरा ने कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन मंत्रियों और विधायकों के फ्रस्ट्रेटेड बेटों को सेट करने का एडजस्टमेंट केंद्र बन चुका है।
दरअसल आज गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का जयपुर से ब्यावर जाते समय अजमेर में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। यहां पर डोटासरा ने यह बयान दिया।
पिछले दिनों भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बयान दिया था कि मोदी के नेतृत्व में भारत की तस्वीर बदली है। यह राजनीति नहीं सेवा का सफर है। इस बयान पर पटवार करते हुए डोटासरा ने कहा कि मदन राठौड़ तो मोदी को रिटायरमेंट की सलाह दे रहे हैं क्योंकि मोदी उनके बड़े भाई हैं। इसलिए मोदी को अपने छोटे भाई की बात माननी चाहिए और संन्यास ले लेना चाहिए जिससे लोकतंत्र और देश दोनों बच जाएगा।
डोटासरा ने कहा कि मौजूदा सरकार पंचायत और निकाय चुनाव करवाने में असक्षम है। उनकी नियत खराब है और हार का डर है इसलिए चुनाव नहीं करवा रहे। चुनाव के लिए जो संवैधानिक प्रावधान है उसका भी मख़ौल उड़ा रहे हैं।
जब 73 वां और 74 वां संविधान संशोधन हुआ उसके बाद प्रावधान है कि 5 साल के अंदर-अंदर सारी प्रक्रिया पूरी करके चुनाव करवाने चाहिए और पहले होते भी आए हैं। जब कोरोना महामारी आई केवल तब सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से चुनाव आगे-पीछे हुए थे। लेकिन अब सरकार अनर्गल बयानबाजी कर रही है।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट इनको सरकार बनते ही ले लेनी चाहिए थी। जानबूझकर चुनाव में देरी करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन नहीं किया गया। अब जब आयोग रिपोर्ट देने के लिए तैयार है तो सरकार उससे रिपोर्ट नहीं ले रही। अब सरकार तर्क दे रही है कि कांग्रेस ने भी 13-17 साल तक चुनाव नहीं करवाए थे।
अब इन्हें कौन बताए कि तब संविधान में प्रावधान ही नहीं था। जब 73 वां और 74 वां संशोधन जोड़ा गया उसके बाद कोरोना को छोड़कर सरकार एक दिन भी बता दे कि चुनाव लेट हुए हो। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट लेना सरकार की ड्यूटी है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा है कि यदि सरकार आयोग की रिपोर्ट लेने में सक्षम नहीं है तो बिना उस रिपोर्ट के भी चुनाव करवाने चाहिए। चुनाव आप नहीं टाल सकते परिसीमन नहीं होने या आयोग की रिपोर्ट नहीं आने की बात कहकर। आज से हम अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों को इस सरकार की सत्यता बताएंगे कि ब्यूरोक्रेसी लगाकर इन्होंने पंचायत और निकायों पर कब्जा कर रखा है। इनके पास करने के लिए कुछ है नहीं केवल फालतू की बयानबाजी करते हैं।