जयपुर/पाली/अजमेर/कोटा: राजस्थान में आगामी निकाय चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही जहां एक तरफ राजनीतिक दलों में टिकट के लिए खींचतान जारी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
चुनाव के माहौल में आम जनता को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए राजस्थान पुलिस ने साइबर क्राइम की विशेष एडवाइजरी जारी की है:
ठगी के नए तरीके: ठग लोगों को फर्जी वोटर लिंक भेजने, मतदाता सूची (Voter List) अपडेट करने के नाम पर फर्जी लिंक, ओटीपी (OTP) और क्यूआर (QR) कोड भेजकर निशाना बना सकते हैं।
पुलिस की अपील: पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे चुनाव या मतदाता सूची से जुड़े किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी या बैंक विवरण किसी के साथ साझा करें।
चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही पुलिस की सख्त चेकिंग जारी है:
करोड़ों की नकदी जब्त: पाली में नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 1.02 करोड़ रुपये की बेनामी नकदी बरामद की है।
जयपुर में लॉबिंग और सिफारिशें: राजधानी जयपुर में आधिकारिक टिकट फाइनल होने से पहले बड़े नेताओं और मंत्रियों के बंगलों पर सिफारिशों और शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है।
अलवर में शक्ति प्रदर्शन: अलवर में भी टिकट के दावेदार सड़कों पर उतरकर अपने-अपने समर्थकों के साथ ताकत दिखा रहे हैं।
राजनीतिक दलों में प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है:
शॉर्टलिस्ट की तैयारी: भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, दोनों ही दलों ने आवेदनों की स्क्रूटनी (छंटनी) का काम शुरू कर दिया है।
अंतिम फैसला प्रदेश स्तर पर: माना जा रहा है कि एक से दो दिन में प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन मजबूत दावेदारों के नाम पैनल में तय कर प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति को भेजे जाएंगे, जहां से अंतिम सूची जारी होगी।
स्थानीय निकायों में पार्षद का टिकट पाने के लिए दोनों प्रमुख दलों में होड़ मची हुई है:
जयपुर: जयपुर के 150 वार्डों के लिए बीजेपी को 2500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 1000 आवेदन महिला दावेदारों के हैं, जो आधी आबादी की बड़ी हिस्सेदारी दर्शाते हैं।
अजमेर: अजमेर के 80 वार्डों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों को 1-1 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। यहां कई वार्डों में एक टिकट के लिए 15 से 30 दावेदार मैदान में हैं।
कोटा: कोटा के 100 वार्डों के लिए कांग्रेस को 550 से ज्यादा और बीजेपी को 700 से अधिक बायोडाटा मिले हैं।