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ACB ने अजमेर विद्युत निगम के इंजीनियर को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ठेकेदार को पहले दिए गए वर्क ऑर्डर के बदले में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था और उसे परेशान कर रहा था। ठेकेदार ने एसीबी से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

एसीबी ने शिकायत पर जाल बिछाकर सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम अब आरोपी अधिकारी से मामले में पूछताछ में जुटी है।

बता दें कि एसई के खिलाफ एकजुट होकर परेशान करने का आरोप लगाते हुए ठेकेदार पहले भी काम का बहिस्कार कर चुके थे, लेकिन मुख्सालय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 एसीबी अजमेर के सीआई मीणा बेनीवाल ने बताया कि उन्हें एक ठेकेदार से शिकायत मिली थी कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के अधीक्षण अभियंता (सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर) बाबूलाल पुराने वर्क ऑर्डर जारी करने के बदले में रिश्वत मांग रहे हैं।

शिकायत में कहा गया था कि अधिकारी 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग रहा है। साथ ही ठेकेदार को परेशान किया जा रहा है। ठेकेदार की शिकायत पर एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। सोमवार को एसीबी की एक टीम ने अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को उनके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वर्क ऑर्डर नवंबर-दिसंबर 2025 का था। एसीबी ने अधिकारी के पास से वर्क ऑर्डर की फाइल जब्त कर ली है। डिस्कॉम एसई के खिलाफ पूर्व में भी ठेकेदारों ने करीब एक माह तक काम का बहिस्कार किया था और इसकी शिकायत प्रबन्ध निदेशक को भी की गई। लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में ठेकेदार परेशान थे।

इस सम्बन्ध में बात करने पर प्रबन्ध निदेशक के.पी. वर्मा ने बताया-एसई के ट्रेप होने की सूचना मिली है। लेकिन पूर्व में ठेकेदारों ने परेशान करने के आरोप लगाए लेकिन कोई सबूत नहीं था। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।