अभ्यर्थियों के मुताबिक परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद कंप्यूटर स्क्रीन में तकनीकी दिक्कत आने लगी। देखते ही देखते पूरे सेंटर का सिस्टम ठप हो गया। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित था, लेकिन शुरुआत में ही तकनीकी व्यवस्था चरमरा जाने से अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया।
छात्रों का कहना है कि वे पहले ही एक बार परीक्षा से जुड़ी परेशानी झेल चुके हैं और अब री-एग्जाम में भी ऐसी स्थिति सामने आने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
AIIMS CRE-5 की मूल परीक्षा 25 जुलाई 2026 को आयोजित हुई थी। उस परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस सवाल आने के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया और 31 अगस्त 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
दूर-दराज के जिलों से अभ्यर्थी परीक्षा देने जयपुर पहुंचे थे। कई छात्रों ने यात्रा, रहने और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया। ऐसे में दोबारा तकनीकी गड़बड़ी सामने आने से उनका गुस्सा और बढ़ गया।
iON डिजिटल जोन की व्यवस्थाओं पर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि रविवार को इसी सेंटर पर NEET PG 2026 परीक्षा के दौरान भी सर्वर ठप होने की शिकायत सामने आई थी। उस दौरान भी अभ्यर्थियों ने घंटों हंगामा किया था।
अब लगातार दूसरे दिन उसी सेंटर पर तकनीकी समस्या सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने सेंटर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस थाने से भारी पुलिस जाब्ता परीक्षा केंद्र पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित अभ्यर्थियों से बातचीत कर स्थिति संभालने और शांत रहने की अपील की। हालांकि छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि आज का AIIMS CRE-5 री-एग्जाम रद्द किया जाए और परीक्षा दोबारा किसी ऐसे केंद्र पर आयोजित कराई जाए, जहां तकनीकी व्यवस्थाएं बेहतर और पारदर्शी हों। छात्रों ने iON डिजिटल जोन को ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठाई है।
लगातार दो परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ी के आरोपों ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें परीक्षा एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के अगले फैसले पर टिकी हैं।