मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष विस्तृत सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 31 अगस्त 2026 की तारीख तय की है।
सुनवाई के दौरान AIMIM की ओर से दलील दी गई कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दल को उसकी चुनावी पहचान के अनुरूप निर्धारित चुनाव चिह्न मिलना चाहिए। पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए अपने पारंपरिक पतंग (Kite) चुनाव चिह्न के आवंटन की मांग की है।
AIMIM प्रदेश अध्यक्ष जमील खान ने सुनवाई के बाद कहा कि हाईकोर्ट में उनकी रिट याचिका पर अहम बहस पूरी हो चुकी है और 31 अगस्त को फैसला आएगा।
उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए कानूनी सिद्धांत उनके पक्ष को मजबूत करते हैं और उन्हें उम्मीद है कि फैसला AIMIM के पक्ष में आएगा।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उनके निर्धारित पारंपरिक चुनाव चिह्न दिए जाते हैं।
AIMIM का कहना है कि पार्टी को निकाय चुनावों में उसका पतंग चुनाव चिह्न नहीं दिया गया। इसी को लेकर पार्टी ने कानूनी रास्ता अपनाया है।
पार्टी का तर्क है कि यदि उम्मीदवारों को पार्टी के निर्धारित सिंबल के बजाय अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित किए जाते हैं, तो मतदाताओं के बीच पार्टी की चुनावी पहचान प्रभावित हो सकती है।
AIMIM के अनुसार, चुनाव चिह्न आवंटित नहीं होने की स्थिति में उसके प्रत्याशियों को निर्दलीय उम्मीदवारों की तरह अलग-अलग चुनाव चिह्न मिल सकते हैं। इससे एक ही पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार और मतदाताओं तक पार्टी की पहचान पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
इसी आधार पर पार्टी ने हाईकोर्ट से राज्य निर्वाचन आयोग के निर्णय में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
AIMIM राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के अलावा स्थानीय चुनावों में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा यह विवाद पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की नजर 31 अगस्त 2026 पर है। हाईकोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में AIMIM को उसका मांग किया गया चुनाव चिह्न मिलेगा या पार्टी के उम्मीदवारों को अन्य चुनाव चिह्नों के साथ मैदान में उतरना पड़ेगा।