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जयपुर में कृषि सम्मेलन: राज्यों को 18 योजनाओं में से अपनी पसंद चुनने की आजादी; खाद वितरण के लिए अनिवार्य होगी 'फार्मर आईडी'

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को आयोजित 'पश्चिम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन' में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश की कृषि व्यवस्था में बड़े बदलावों का शंखनाद किया। होटल मेरियट में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अब राज्यों पर अपनी योजनाएं थोपेगी नहीं, बल्कि उन्हें स्वायत्तता देगी। उन्होंने किसानों के कल्याण, डिजिटल सशक्तिकरण और बाजार पहुंच को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

 

राज्यों को मिली 'प्लान चुनने' की आजादी: 18 योजनाओं का विकल्प

केंद्रीय मंत्री ने संघीय ढांचे को मजबूती देते हुए कहा कि हर राज्य की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियां भिन्न होती हैं।

  • नई नीति: अब राज्यों को केंद्र की 18 विभिन्न कृषि योजनाओं में से अपनी जरूरत के मुताबिक योजना चुनने और आवंटित बजट का उपयोग करने की पूरी स्वतंत्रता होगी।

  • जल्द जारी होगा बजट: उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र का पूरा बजट जल्द ही राज्यों को हस्तांतरित कर देगी, लेकिन इसका सही क्रियान्वयन (Implementation) सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी होगी।

 

'फार्मर आईडी' बनेगा आधार: खाद वितरण में होगी पारदर्शिता

सरकार अब कृषि क्षेत्र को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी में है। शिवराज सिंह चौहान ने 'फार्मर आईडी' को लेकर बड़ी जानकारी साझा की:

  • डिजिटल पहचान: देशभर में किसानों की डिजिटल आईडी बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इसमें किसान की जमीन, फसल और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज होगी।

  • खाद का वितरण: भविष्य में खाद (Fertilizer) का वितरण पूरी तरह से फार्मर आईडी के माध्यम से ही किया जाएगा ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।

  • राजस्थान का लक्ष्य: राजस्थान में अभी 10 लाख किसानों की आईडी बनाना शेष है, जिसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

आलू-प्याज के गिरते दामों पर राहत: सरकार उठाएगी ट्रांसपोर्ट का खर्च

हाल के दिनों में आलू और प्याज की कीमतों में आई गिरावट और किसानों को हो रहे नुकसान पर मंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की।

  • ट्रांसपोर्ट सब्सिडी: यदि किसान सरकारी एजेंसी के माध्यम से अपनी उपज को उन बाजारों में बेचना चाहते हैं जहाँ दाम बेहतर मिल रहे हैं, तो परिवहन (Transportation) का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।

  • उद्देश्य: इस कदम का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से बचाना और उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाना है।

 

"अन्नदाता ही जीवनदाता": 140 करोड़ की खाद्य सुरक्षा प्राथमिकता

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • तकनीक से मजबूती: सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था से जोड़ना चाहती है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के खाते तक पहुँचे।

 

जयपुर सम्मेलन में पश्चिम क्षेत्र के राज्यों का मंथन

इस क्षेत्रीय सम्मेलन में राजस्थान के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों और उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाना और कृषि विकास की नई रूपरेखा तैयार करना था।

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