जयपुर/चौमूं: आगामी बुवाई सत्र (खरीफ सीजन) से ठीक पहले किसानों को ठगी से बचाने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा मंगलवार सुबह 11:30 बजे अचानक चौमूं स्थित सिल्वर पार्क (रीको इंडस्ट्रियल एरिया) पहुंचे। मंत्री के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई ने बीज माफियाओं में हड़कंप मचा दिया। मौके पर अनधिकृत रूप से घटिया और अमानक मूंगफली के बीजों को ब्रांडेड पैकेटों में पैक करने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।
औचक निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री के भीतर का नजारा देखकर खुद कृषि मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी दंग रह गए:
घटिया माल से बन रहा था बीज: फैक्ट्री के गोदामों में खराब क्वालिटी की साबुत मूंगफली की करीब 2 लाख बोरियां भरी मिलीं।
ऐसे होता था खेल: यहां इन खराब मूंगफलियों को बड़ी-बड़ी मशीनों में डालकर दाना अलग किया जाता था। फिर उन अमानक दानों को चमकाकर हाईटेक ग्रेडिंग और सिलाई मशीनों के जरिए ऊंचे दामों पर बेचने के लिए पैक किया जा रहा था। मौके से मूंगफली की करीब 60 लाख खाली बोरियां भी बरामद हुई हैं।
जांच में सामने आया कि इस काले कारोबार के पीछे गहरा फर्जीवाड़ा चल रहा था।
फर्जीवाड़ा उजागर: मौके पर ‘एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस’ और ‘जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज’ नामक दो अनधिकृत (बिना लाइसेंस वाली) कंपनियां सक्रिय मिलीं।
दूसरे ब्रांड का इस्तेमाल: ये कंपनियां किसानों को धोखा देने के लिए ‘श्री बालाजी एग्रो सीकर’ के नाम से घटिया बीजों की धड़ल्ले से पैकेजिंग कर रही थीं।
फैक्ट्री से कृषि विभाग की टीम को नामचीन किस्मों के रैपर और बैग मिले हैं, जिनका उपयोग किसानों का विश्वास जीतने के लिए किया जाना था।
बरामद सामग्री: मौके से किसान-510 (RG-510), SG-551 और RG-578 जैसी उन्नत किस्मों के नाम छपे लाखों खाली बैग और हजारों की संख्या में पहले से पैक किए जा चुके बैग जब्त किए गए हैं।
प्रदेशव्यापी अभियान: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ चौमूं तक सीमित नहीं है। किसानों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ कृषि विभाग की टीमों ने एक साथ जोधपुर, बीकानेर, सीकर और चूरू सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और धरपकड़ अभियान चलाया है।
कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी:
"प्रदेश की भजनलाल सरकार और हमारा कृषि विभाग आगामी बुवाई सत्र के लिए किसानों को केवल उन्नत, प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और शुद्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अन्नदाता के साथ धोखाधड़ी करने वाली इन अवैध इकाइयों और इनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"