बीकानेर/सांचू बॉर्डर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से सांचू पोस्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। भीषण गर्मी और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच गृह मंत्री ने बॉर्डर आउटपोस्ट पर लगभग डेढ़ घंटा बिताया। उन्होंने वॉच टॉवर से दूरबीन के जरिए पाकिस्तानी सरहद और जीरो पॉइंट वाले इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को करीब से देखा।
सांचू पोस्ट पर आयोजित 'प्रहरी सम्मेलन' में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने इस चौकी के शौर्य और गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया:
ऐतिहासिक सांचू चौकी: गृह मंत्री ने कहा, "मैं आज ऐतिहासिक चौकी सांचू पर आया हूँ। गृह मंत्री बनने से पहले भी मेरे मन में इस वीर धरा को देखने की तीव्र इच्छा थी। यह चौकी दो बड़ी जंगों की गवाह रही है।"
1964 की शौर्य गाथा: उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1964 के भारत-पाक युद्ध के समय सांचू की आबादी 500 से अधिक थी। तब राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की चौकी यहाँ से 500 मीटर पीछे रणजीतपुरा गांव में हुआ करती थी।
खदेड़े गए थे पाकिस्तानी: जब सूचना मिली कि पाकिस्तान ने सांचू पर कब्जा करने की नीयत से घुसपैठ शुरू की है, तब 3 RAC और 13 ग्रेनेडियर के जांबाज जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दुश्मन पर भीषण हमला किया था। हमारे जवानों ने बहादुरी से अपनी जिम्मेदारी निभाई और पाकिस्तानियों को पीठ दिखाकर भागने पर मजबूर होना पड़ा था, जिससे सांचू भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा।
सीमा पार से होने वाली आधुनिक तकनीकों की तस्करी और सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने एक बड़ी तकनीकी घोषणा की:
एंटी-ड्रोन तकनीक: अमित शाह ने बताया कि केंद्र सरकार आगामी 6 महीनों के भीतर सीमावर्ती क्षेत्रों में 'ड्रोन रोधी संयंत्र' (Anti-Drone Systems) लगाने की शुरुआत करने जा रही है।
लोकल इनपुट पर पैनी नजर: उन्होंने जवानों और सुरक्षा एजेंसियों को सचेत करते हुए कहा, "ड्रोन तो हवा से आकर भारतीय जमीन पर उतरता है, लेकिन इसे यहाँ रिसीव कौन करता है? इसके जरिए भेजे गए हथियारों या ड्रग्स के मटेरियल का उपयोग कौन कर रहा है? इस ग्राउंड नेटवर्क पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए और ऐसे देशद्रोहियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
सैनिक सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री ने बेहद सरल अंदाज में सीमा पर तैनात प्रहरियों के बीच समय गुजारा:
जाना जवानों का अनुभव: चिलचिलाती धूप और 42 डिग्री के कड़े तापमान के बीच देश की रक्षा में मुस्तैद जवानों से शाह ने उनकी ड्यूटी के अनुभवों, चुनौतियों और बॉर्डर पर होने वाली संदेहास्पद एक्टिविटीज को लेकर सीधी बातचीत की।
पारंपरिक जलपान: सीमा सुरक्षा बल के जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए गृह मंत्री और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रहरियों के साथ बैठकर पारंपरिक नाश्ता (ट्रेडिशनल रिफ्रेशमेंट) भी किया।