बीकानेर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार रात करीब 10:30 बजे बीकानेर के नाल हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर अगवानी के बाद वे सड़क मार्ग से कड़े सुरक्षा घेरे में सिक्योरिटी फोर्स के रेस्ट हाउस के लिए रवाना होंगे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। मंगलवार सुबह से उनके कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती कार्यक्रम शुरू होंगे।
मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह बीकानेर से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी 'वाइब्रेंट विलेज योजना' के अगले चरण की शुरुआत करेंगे।
4G नेटवर्क और सड़कों का जाल: इस योजना के तहत राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे 184 सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इन गांवों में पक्की सड़कों का निर्माण करने के साथ ही उन्हें हाई-स्पीड 4G मोबाइल नेटवर्क से लैस किया जाएगा।
विकास का नया मॉडल: सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, बिजली, स्मार्ट क्लासरूम, पर्यटन सर्किट, और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि सीमावर्ती गांवों से होने वाले पलायन को पूरी तरह रोका जा सके।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह बीकानेर के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर जाएंगे।
जमीन पर सुरक्षा का जायजा: सांचू पोस्ट से भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा महज 5 किलोमीटर दूर है। गृह मंत्री यहां पोस्ट पर बने वॉच टॉवर पर चढ़कर सीमा पार (पाकिस्तान) की गतिविधियों और सुरक्षा इंतजामों को अपनी नजरों से देखेंगे।
जवानों से संवाद: वे सीमा पर मुस्तैद बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत (सैनिक सम्मेलन) करेंगे। इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
बीकानेर पहुंचने के बाद गृह मंत्री एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। हाल के दिनों में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए होने वाली हथियारों और ड्रग्स की तस्करी (ड्रोन स्मगलिंग) को रोकने के लिए इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का जमावड़ा: राजस्थान के मुख्य सचिव (CS) सुधांश पंत सोमवार को ही बीकानेर पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही केंद्रीय गृह सचिव, बीएसएफ के महानिदेशक (DG) और देश की तमाम खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी बीकानेर में डेरा डाले हुए हैं।
पांच जिलों के कलेक्टर-एसपी होंगे शामिल: बैठक में राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों—बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल होंगे, जिन्हें सीमा प्रबंधन और हाइब्रिड वॉरफेयर से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।