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भजनलाल सरकार पर अशोक गहलोत का तीखा हमला, बोले- 'दुआ करता हूँ सीएम 5 साल पूरे करें, लेकिन सरकार निकम्मी रही तो...

अजमेर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार सुबह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा के सिलसिले में अजमेर पहुंचे। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये को लेकर भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लिया। गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नजर नहीं आ रही है और जनता के भीतर इस शासन को लेकर भारी आक्रोश है।

 

"मैं दुआ करता हूँ भजनलाल जी 5 साल सीएम रहें" गहलोत का सियासी तंज

गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल को लेकर एक बेहद अनूठा बयान दिया:

  • सीएम के लिए दुआ: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं दिल से दुआ करता हूँ कि भजनलाल शर्मा पूरे 5 साल तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहें।"

  • पब्लिक को नुकसान की आशंका: उन्होंने अपने इस बयान के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए कहा कि वे ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगर 5 साल तक यह नकारा और निकम्मी सरकार बिना काम किए चलती रही, तो सीधा नुकसान राजस्थान की जनता को भुगतना पड़ेगा। जनता इस समय चारों तरफ फैले कुशासन से गुस्से में है और सही वक्त पर सबक सिखाने का इंतजार कर रही है।

 

"डबल इंजन का दावा हुआ फेल, प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट"

भाजपा के चुनावी वादों पर तंज कसते हुए अशोक गहलोत ने प्रदेश के मौजूदा हालातों को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया:

  • गवर्नेंस का उल्टा असर: उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त लोगों के बीच यह मैसेज (संदेश) दिया गया था कि डबल इंजन की सरकार आने से राज्य में शानदार गवर्नेंस (सुशासन) देखने को मिलेगी, लेकिन धरातल पर इसका बिल्कुल उल्टा हो गया है।

  • अपराधों में बढ़ोतरी: गहलोत ने आरोप लगाया कि आज राजस्थान में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। प्रदेश में लगातार दुष्कर्म (रेप) की घटनाएं हो रही हैं, जिससे राजस्थान इस मामले में देश में पहले नंबर पर आ गया है। शिक्षा से लेकर हर बुनियादी क्षेत्र में आमजन की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

 

"गांवों में अपनी एजेंसियां भेजकर फीडबैक लें मुख्यमंत्री" — पूर्व सीएम की सलाह

अशोक गहलोत ने कहा कि वे एक विपक्ष के नेता के तौर पर नहीं, बल्कि जनहित (पब्लिक इंटरेस्ट) को सर्वोपरि रखते हुए लगातार मुख्यमंत्री को चेता रहे हैं:

  • जमीनी हकीकत का पता लगाएं: गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि वे तुरंत अपनी खुफिया और प्रशासनिक एजेंसियों को गांवों व कस्बों में भेजें, ताकि उन्हें सरकार को लेकर जनता के असली फीडबैक (जवाब) का पता चल सके।

  • अस्पतालों में दवाइयां बंद: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के समय शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को ठप कर दिया गया है और अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जरूरी दवाइयां तक मिलना बंद हो गई हैं।

 

"करप्शन की सारी सीमाएं टूटीं, सड़कों के गड्ढों के कारण हो रही मौतें"

भ्रष्टाचार और बदहाल बुनियादी ढांचे को लेकर भी गहलोत ने सरकार को बुरी तरह घेरा:

  • भ्रष्टाचार चरम पर: गहलोत ने साफगोई से कहा, "मैं यह दावा बिल्कुल नहीं कर रहा कि हमारी कांग्रेस सरकार के वक्त जीरो करप्शन (शून्य भ्रष्टाचार) था। लेकिन आज की तारीख में तो करप्शन की सारी सीमाएं और रिकॉर्ड टूट चुके हैं।"

  • सड़कों की दुर्दशा: उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले और शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कों की इसी बदहाली और लापरवाही के चलते कोटा में एक स्कूल प्रिंसिपल को अपनी जान गंवानी पड़ी।

 

बजट पर ब्रेक: बुजुर्गों की पेंशन रुकी, छोटे ठेकेदारों की आंखों में आंसू

आर्थिक मोर्चे पर सरकार को विफल बताते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान का खजाना खाली होने की कगार पर है:

  • पेमेंट पर रोक: सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े सब तरह के पेमेंट (भुगतान) पूरी तरह बंद कर दिए हैं। किसी भी विभाग के पास देने के लिए पैसा नहीं बचा है। इसके चलते राज्य के छोटे ठेकेदारों की आंखों में आंसू आ गए हैं और उनका धंधा चौपट हो गया है।

  • सामाजिक सुरक्षा ठप: सरकार की इस वित्तीय लापरवाही का सबसे बुरा असर समाज के सबसे कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है। प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और असहाय विधवा महिलाओं को समय पर मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन तक नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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