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गहलोत का सरकार पर बड़ा आरोप: 'मौखिक आदेश देकर रोका जा रहा पेट्रोल-डीजल, गुमराह करने की जगह जनता को सच बताए सरकार'

जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर प्रदेश में गहराए ईंधन और रसोई गैस संकट पर चिंता जताई है। गहलोत ने दावा किया कि जोधपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं और आम जनता बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रही है।

 

"जोधपुर से जयपुर आने में 4 बार फुल कराना पड़ रहा टैंक"

अशोक गहलोत ने अपने गृह जिले जोधपुर और प्रदेश के अन्य रूटों का हवाला देते हुए आम जनता और आगंतुकों को हो रही परेशानियों का जिक्र किया:

  • सीमित मात्रा में मिल रहा तेल: गहलोत ने लिखा, "मेरे आवास पर जोधपुर से मिलने आए कई आगंतुकों ने बताया कि वहां पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। बहुत से पंपों पर तेल पूरी तरह खत्म हो चुका है।"

  • 1000 रुपए की कैपिंग: उन्होंने आगे बताया कि जोधपुर से जयपुर तक की यात्रा करने वाले लोगों को रास्ते में तीन-चार बार रुककर तेल भरवाना पड़ रहा है, क्योंकि पेट्रोल पंप संचालक किसी भी वाहन में 1000 रुपए से अधिक का फ्यूल नहीं डाल रहे हैं। यही नहीं, घरों में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर के लिए भी लोगों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

 

"सरकार ने दिए हैं मौखिक आदेश, पंप मालिक खुद कह रहे"

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के दावों और धरातल की हकीकत के अंतर को उजागर करते हुए गंभीर आरोप लगाए:

  • दबाव में काम कर रहे पंप संचालक: गहलोत ने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार बयान दे रही है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जब पेट्रोल पंप मालिकों से हकीकत जानी गई, तो उन्होंने बताया कि सरकार ने उन्हें मौखिक आदेश (Oral Orders) देकर सीमित मात्रा में ही फ्यूल सप्लाई करने को कहा है। सरकार के इसी ढुलमुल रवैए के कारण पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।

 

जोधपुर के 40% पेट्रोल पंप हुए 'ड्राई'

मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए गहलोत ने कहा कि आज अखबारों और चैनलों में खबरें हैं कि अकेले जोधपुर संभाग के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंप पूरी तरह से 'ड्राई' (तेल खत्म) हो चुके हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे पूरे प्रदेश की परिवहन व्यवस्था और आम जनजीवन ठप होने के कगार पर पहुंच गया है।

 

"सच बताएं ताकि जनता वैकल्पिक व्यवस्था कर सके"

प्रशासनिक पारदर्शिता की वकालत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को नसीहत दी:

  • अफवाहों का बाजार गर्म: गहलोत ने लिखा, "यह संकट का समय है। सरकार को जनता के सामने असत्य बोलने और गुमराह करने की बजाय सच बताना चाहिए। जब सरकार सही जानकारी नहीं देती, तो अपुष्ट खबरों से अफवाहें फैलती हैं, जिससे जनता भ्रमित होती है और बाजार में उथल-पुथल की स्थिति बनती है।"

  • तैयारी का मौका मिले: उन्होंने मांग की कि सरकार सच को स्वीकार करे ताकि लोग आने वाली परेशानी के लिए मानसिक रूप से तैयार रह सकें और अपने स्तर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था (Alternative Arrangement) कर सकें।

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