Politics

Ashok Gehlot response to Madan Rathore counter-attack

जोधपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायकों (MLA) और सांसदों (MP) के पाला बदलने और बिकने के मुद्दे पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपने बयान से किसी सच्चे जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं किया है, बल्कि उनका इशारा उन नेताओं की तरफ था जो जनता के भरोसे को पैसे के लिए बेच देते हैं। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें राठौड़ ने गहलोत पर जनप्रतिनिधियों को 'भेड़-बकरी' कहने का आरोप लगाया था।

 

मदन राठौड़ का जोधपुर में हमला— 'नेताओं को भेड़-बकरी कहना गलत, पायलट को भी कहा था नाकारा'

इस ताज़ा विवाद की शुरुआत मंगलवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के जोधपुर दौरे के दौरान हुई थी:

  • राठौड़ का पलटवार: मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत के उस पुराने बयान पर आपत्ति जताई थी, जिसमें गहलोत ने पाला बदलने वाले नेताओं की तुलना गधे-घोड़े और भैंस-बकरी से की थी। राठौड़ ने कहा, "जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के लिए भेड़-बकरी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।"

  • पायलट मामले की दिलाई याद: राठौड़ ने गहलोत पर तंज कसते हुए आगे कहा, "उन्होंने (गहलोत ने) पूर्व में सचिन पायलट को भी नाकारा-निकम्मा कहा था। तो क्या अब वे सबको भेड़-बकरियां कहेंगे?"

 

अशोक गहलोत का तीखा जवाब— 'सीनियर नेताओं को खुश करने में जुटे हैं मदन राठौड़'

बुधवार को मदन राठौड़ के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करारा पलटवार किया:

  • तंज कसा: गहलोत ने मदन राठौड़ के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अभी नए-नए बने हैं, इसलिए वे सिर्फ दिल्ली में बैठे अपने 'सीनियर नेताओं' को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं।

  • बयान पर कायम: गहलोत ने साफ किया कि वे अपने शब्दों पर कायम हैं और उन्होंने किसी भी ईमानदार जनप्रतिनिधि की भावना को ठेस नहीं पहुंचाई है।

 

'10 से 25 करोड़ में बिकने वालों के लिए किया था शब्दों का इस्तेमाल, इसमें क्या बुराई?'

अशोक गहलोत ने अपने दिए गए बयान की गहराई से व्याख्या करते हुए पाला बदलने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया:

  • जनता के साथ धोखा: पूर्व सीएम ने कहा, "जनता भारी उम्मीदों के साथ वोट देकर अपने प्रतिनिधि को चुनकर सदन में भेजती है, लेकिन कुछ नेता पैसे खाकर बिक जाते हैं। मैंने यह बात उन दल बदलने वाले नेताओं के लिए कही थी, जो 10 से 25 करोड़ रुपए लेकर अपनी निष्ठा बदल लेते हैं।"

  • उदाहरण देकर समझाया: गहलोत ने आगे तर्क दिया, "जो नेता इस तरह सरेआम बिकते हैं, उन्हीं के संदर्भ में मैंने गधे-घोड़े और भैंस-बकरी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसमें भला क्या बुराई है? जो बिकेगा, उसकी तुलना ऐसी ही चीजों से होगी।"

 

महाराष्ट्र और बंगाल का दिया हवाला; खरीद-फरोख्त को बताया देश के लिए खतरा

गहलोत ने इस सियासी खरीद-फरोख्त को सिर्फ राजस्थान तक सीमित न बताते हुए अन्य राज्यों का भी उदाहरण दिया:

  • अन्य राज्यों की स्थिति: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसों के दम पर सरकारें गिराने और विधायकों को खरीदने का यह खेल केवल एक जगह नहीं चल रहा है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को इसी तरह के हथकंडों से अस्थिर करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसी प्रवृत्तियों पर खुलकर बोलना बेहद जरूरी है।

Similer Posts