पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में हाल के दिनों में पेपरलीक की घटनाओं में जो कमी आई है, वह उनकी पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का नतीजा है। गहलोत ने कहा:
"अभी पेपरलीक इसलिए नहीं हो रहे हैं, क्योंकि हमने कड़ा कानून पास किया और भर्ती की पूरी प्रक्रिया (प्रोसेस) को बदला था। यह सब उसी का असर है। यह तो रुकना ही था, वर्तमान सरकार इस बात का श्रेय क्यों ले रही है? इन्होंने क्या किया है?"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ओएमआर शीट घोटाले (OMR Sheet Scam) में जो आरोपी पकड़े गए थे, उन्हें वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण जमानत मिल गई और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
केन्द्र सरकार द्वारा नकल रोकने के लिए लाए गए कानून और विधेयक पर गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर सरकार विपक्षी दलों से सलाह-मशविरा करके बिल लाती, तो यह और बेहतर होता।
उन्होंने राजस्थान में अपनी सरकार के दौरान बने कानून का जिक्र करते हुए कहा:
आजीवन कारावास: कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में नकल और पेपरलीक के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून बनाया था।
10 करोड़ का जुर्माना व संपत्ति ज़ब्त: इसमें नकल माफिया की संपत्तियों को सीज करने और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान पहले से ही कर रखा है।
गहलोत ने कहा कि इस बात में पूरा दम है कि केवल सजा बढ़ा देने से अपराध नहीं रुक जाते। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा:
"सजा मिलना एक बात है, लेकिन अगर मैनेजमेंट ढंग से नहीं होगा तो पेपरलीक बाद में भी होंगे। कानून तो चोरी के खिलाफ भी बने हुए हैं, लेकिन चोरियां फिर भी होती हैं।"
आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी का दावा करते हुए गहलोत ने प्रदेश सरकार पर कड़ा तंज कसा।
गहलोत ने कहा:
"अगली बार तो हमारा सत्ता में आना निश्चित है, राजस्थान में सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।"
"लेकिन हम चाहते हैं कि इस बीच 5 साल जनता के काम रुकने नहीं चाहिए। इसलिए आप सुशासन (Good Governance) दीजिए। 5 साल राज करो, हमें कोई ऐतराज नहीं है। अगर आप सुशासन देंगे तो हमारी कोई दिलचस्पी आपकी सरकार गिराने या डिस्टर्ब करने में नहीं है।"
गहलोत ने कहा कि आज राजस्थान में जिस तरह से सरकार चलाई जा रही है, उसकी चर्चा प्रदेश के हर घर और हर गांव में हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सलाह देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को खुद पता लगवाना चाहिए कि यह चर्चा पॉजिटिव है या निगेटिव। अगर कुशासन के ऐसे ही हालात बने रहे, तो आखिरकार नुकसान प्रदेश की जनता का ही होगा।