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हनुमानगढ़ में मॉब लिंचिंग का आरोप, तार चोरी के शक में तीन युवकों से घंटों मारपीट; एक की मौत

हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में मॉब लिंचिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मल्लडखेड़ा गांव की रोही में खेत से तार चोरी करने के संदेह में बाइक सवार तीन युवकों के साथ भीड़ द्वारा बेरहमी से मारपीट करने का आरोप है। सोमवार रात हुई इस घटना में गंभीर चोट लगने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मामले में दीपक कुमार पुत्र फरसाराम वाल्मीकि निवासी 5 एनजीआर रोही नगराना की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया कि सोमवार को दीपक अपने बड़े भाई महेन्द्र और दोस्त सुखचैन उर्फ चेनी के साथ बाइक से फतेहपुर गया था। वापस लौटते समय मल्लडखेड़ा में उनकी बाइक का गियर खराब हो गया। गियर ठीक करने के बाद तीनों वापस रवाना हुए।

बाइक रोककर लगाया तार चोरी का आरोप

शिकायत के मुताबिक रात करीब 11 बजे किन्नू के बाग के पास एक बाइक सवार व्यक्ति ने उनकी बाइक रुकवाई। उसने अपना नाम महेन्द्र नायक बताते हुए फोन कर संदीप कुमार को मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद दो कारों में सवार होकर 5-6 लोग वहां पहुंचे और तीनों युवकों पर तार चोरी करने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि इसके बाद तीनों युवकों को कार में बैठाकर नहर के पुल के पास ले जाया गया। वहां उनके साथ दोबारा मारपीट की गई। इस दौरान आसपास के खेतों में रहने वाले करीब 20-25 अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी युवकों के साथ मारपीट की।

रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक मारपीट का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि तीनों युवकों के साथ रात करीब 11 बजे से मंगलवार सुबह 4 बजे तक मारपीट की गई। इस दौरान महेन्द्र के पेट में गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। मामले में राहुल पुत्र सतपाल, रमेश पुत्र दीनदयाल और राजेन्द्र कुमार सहित 15-20 अन्य लोगों के मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

बताया गया कि मारपीट के दौरान आरोपी एक-दूसरे को नाम से पुकार रहे थे, जिससे कुछ आरोपियों के नाम पीड़ितों को पता चल सके।

मौत के बाद बाइक से गांव भेजने का आरोप

आरोप है कि महेन्द्र की मौत के बाद आरोपियों ने दीपक और सुखचैन को बाइक पर बैठाकर उनके गांव की ओर रवाना कर दिया। इसके बाद दीपक ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए टिब्बी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहीं महेन्द्र के शव को सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत मामला दर्ज किया है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

मंगलवार को पुलिस ने मृतक महेन्द्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान पुलिस उपअधीक्षक शंकरलाल छाबा, थानाधिकारी राकेश सांखला सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

डीवाईएसपी शंकरलाल छाबा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।