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65 सदस्यीय कार्यकारिणी का ऐलान, राम माधव बने उपाध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद सोमवार को अपनी नई 65 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। नई टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता राम माधव की संगठन में वापसी कर उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उनकी जगह दीपक म्हस्के को नया प्रभारी बनाया गया है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रहेंगी। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी अपने पद पर बने रहेंगे।

55 साल औसत उम्र वाली टीम में 12 महिलाओं को जगह

नितिन नवीन की नई टीम की औसत उम्र 55 वर्ष है। कार्यकारिणी में 12 महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर को शामिल किया गया है।

स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा अध्यक्ष और प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।

यूपी से मुस्लिम प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर

नई कार्यकारिणी में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दी है। उत्तर प्रदेश से मुस्लिम समुदाय के दो प्रमुख चेहरे तारिक मंसूर और बासित अली को टीम में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर कार्यकारिणी में 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, 16 सचिव और 28 सदस्य शामिल हैं।

महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करें तो सबसे अधिक तीन महिला नेताओं को उत्तर प्रदेश से जगह मिली है। महाराष्ट्र की दो महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अन्य राज्यों से एक-एक महिला को शामिल किया गया है।

भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं नितिन नवीन

नितिन नवीन ने 209 दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया था और निर्विरोध चुने गए थे। 45 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल हो गए।

नई कार्यकारिणी को आगामी चुनावों और संगठन विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस टीम के जरिए भाजपा ने अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।