जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचों को लेकर राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सीधी चुनौती देते हुए प्रदेश के सरकारी स्कूलों का व्यापक दौरा करने का ऐलान किया है। रांका ने सोशल मीडिया के जरिए शिक्षा मंत्री को एक अनोखा 'ऑफर' दिया है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को संबोधित करते हुए लिखा कि वे बंगाल का दौरा पूरा कर जयपुर लौट रहे हैं और जल्द ही अपनी टीम के साथ राजस्थान के सरकारी स्कूलों में जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे:
शिक्षा मंत्री को अनोखा ऑफर: रांका ने लिखा, "मदन दिलावर जी, आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं अपनी टीम के साथ वहां का भी दौरा करूंगा। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही?"
'स्कूल ठीक करो' अभियान: CJP द्वारा चलाए जा रहे 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, अलवर, कोटा और बाड़मेर समेत कई जिलों के जर्जर स्कूलों का निरीक्षण करने की योजना बनाई गई है।
हाल ही में अलवर के थानागाजी स्थित जोधावास में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने और छात्रों के प्रदर्शन में CJP नेताओं की मौजूदगी के बाद शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाए थे:
सख्त गाइडलाइन्स जारी: माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर बिना पूर्व अनुमति सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों (मीडिया व आमजन) के प्रवेश, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी है।
सुरक्षा व निजता का तर्क: सरकार का तर्क है कि छात्रों की निजता, सुरक्षा और पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो, इसलिए 'इन लोको पैरेंटिस' (अभिभावक के स्थान पर) सिद्धांत के तहत यह प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
सरकार के इस प्रतिबंधात्मक आदेश पर विपक्षी दल और CJP नेता आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं:
विपक्ष का हमला: राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं और सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत को छिपाने के लिए ऐसे मनमाने आदेश निकाल रही है।
रांका की दोटूक: प्रतिबंधों पर पलटवार करते हुए आशुतोष रांका ने साफ कहा कि चाहे सरकार केस दर्ज कराए या गिरफ्तार करे, जब तक राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति नहीं सुधरेगी, तब तक उनका निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।