जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ईंधन बचाओ' अपील का राजस्थान में सबसे त्वरित असर देखने को मिला है। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब दिल्ली दौरे के लिए जयपुर एयरपोर्ट रवाना हुए, तो उनके सुरक्षा काफिले का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। सीएम ने संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश देते हुए अपने लश्कर को छोटा कर दिया है।
आमतौर पर मुख्यमंत्री के काफिले में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सुरक्षाकर्मियों सहित 14 से 16 वाहन शामिल रहते हैं।
बदला हुआ नजारा: बुधवार सुबह मुख्यमंत्री महज 5 गाड़ियों के छोटे काफिले के साथ एयरपोर्ट पहुंचे।
सुरक्षा और किफायत: सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों की कतार न लगाई जाए। केवल वही वाहन साथ रहेंगे जो प्रोटोकॉल और सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य हैं।
मुख्यमंत्री ने न केवल खुद के काफिले में बदलाव किया, बल्कि प्रदेश के सभी मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी सख्त गाइडलाइन जारी की है:
नसीहत: सरकारी दौरों और कार्यक्रमों के नाम पर अतिरिक्त वाहनों की तैनाती तुरंत बंद की जाए।
मिसाल पेश करें: सीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए जनता के सामने उदाहरण पेश करें। सरकारी वाहनों का उपयोग केवल बेहद जरूरी होने पर ही किया जाए।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा:
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वैश्विक परिस्थितियों और देशहित को देखते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर गाइडलाइन दी है। हम सभी मुख्यमंत्री उसे पूरा कर रहे हैं। हमने निर्देश दिया है कि अब सड़कों पर उतनी ही गाड़ियां दिखेंगी जितनी आवश्यकता है।"
मुख्यमंत्री के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को जयपुर की सड़कों पर मिलेगा।
स्मूथ ट्रैफिक: वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान बड़े काफिले की वजह से पुलिस को लंबे समय तक ट्रैफिक रोकना पड़ता था, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती थी।
सुगम सफर: काफिला छोटा होने से अब ट्रैफिक को ज्यादा देर रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
गौरतलब है कि 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देशवासियों से 7 अपील की थीं। इनमें पेट्रोल-डीजल बचाने, सोना कम खरीदने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने जैसी बातें शामिल थीं। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इन अपीलों को प्रशासनिक स्तर पर लागू कर 'किफायत' की नई राजनीति की शुरुआत की है।