डोटासरा ने कहा कि सरकारी स्कूल सार्वजनिक संस्थान हैं और उनकी स्थिति का जायजा लेने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात रखने का अधिकार आम नागरिकों को भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से स्कूल विकास समितियों, भामाशाहों और ग्रामीणों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर सरकारी स्कूलों के विकास की दिशा में काम करती रही है। ऐसे में स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे लोगों के साथ हिंसक व्यवहार करना उचित नहीं है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर पत्थर फेंकना या हिंसा भड़काना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्कूलों की समस्याओं को दूर करने के बजाय विवाद और दबंगई का माहौल बनाया जा रहा है। डोटासरा ने भाजपा के एक विधायक के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें निरीक्षण करने पहुंचे लोगों को गुंडा बताया गया था।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई गलती हुई है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी को पीटने या उस पर हमला करने को सही नहीं ठहराया जा सकता। डोटासरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसी घटनाओं पर जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को लेकर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने कहा कि सरकार को पूरे मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाता है तो भाजपा की कुछ साख बच सकती है, अन्यथा आने वाले समय में प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।
डोटासरा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ढाई साल के शासन में राज्य में विकास की गति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में कई विकास कार्य किए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार में जनता परेशान है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सहित प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार सरकार को केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। डोटासरा ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
डोटासरा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से संसद में उठाए जा रहे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों को लेकर कांग्रेस गंभीर है। राहुल गांधी संसद में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं और 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और व्यवस्था में सुधार की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी स्कूल की स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता या बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाता है तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए।
डोटासरा ने कहा कि सरकार जनता की जवाबदेही से बच नहीं सकती। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, शिक्षकों और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना तथा शिक्षा का स्तर सुधारना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि जयपुर की घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय सरकार को स्कूलों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।