जयपुर: पंजाब कांग्रेस के भीतर प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई की आंच अब राजस्थान कांग्रेस तक पहुंच गई है। राजस्थान कांग्रेस के भीतर अंदरूनी गुटबाजी और असंतोष का नया मोर्चा खुल गया है, जिसका सीधा निशाना राजस्थान कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा बने हैं।
पार्टी के भीतर रंधावा की कार्यशैली को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है। दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के आलाकमान तक रंधावा के खिलाफ लिखित शिकायतें भेजी गई हैं। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा है कि अंदरूनी असंतोष को देखते हुए आलाकमान द्वारा सुखजिंदर सिंह रंधावा को राजस्थान प्रभारी के पद से हटाया जाना अब लगभग तय माना जा रहा है।
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री पवन गोदारा सहित प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं ने प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन्हें सीधे कटघरे में खड़ा किया है। नेताओं ने रंधावा से पूछा है:
मार्गदर्शन की कमी: आप पिछले ढाई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश का एक बहुत बड़ा जमीनी कार्यकर्ता वर्ग आज भी आपके प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है।
जिलों के दौरों से दूरी: नेताओं ने सीधे सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर आप राजस्थान के जिलों का दौरा कब करेंगे? पिछले ढाई साल में आपने जमीनी कार्यकर्ताओं से कभी कोई सीधा संवाद क्यों नहीं किया और अब यह संवाद कब और कैसे शुरू होगा?
राजस्थान में प्रभारी रंधावा के खिलाफ अचानक मुखर हुए इस विरोध के पीछे कांग्रेस के गलियारों में एक गहरा 'पंजाब कनेक्शन' माना जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार:
युवा कांग्रेस का पुराना दौर: साल 2009-10 के दौरान जब पवन गोदारा राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हुआ करते थे, ठीक उसी समय पंजाब के मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग राजस्थान युवा कांग्रेस के केंद्रीय प्रभारी थे।
नेताओं की ट्यूनिंग: इस पुराने कार्यकाल के कारण राजस्थान कांग्रेस के कई युवा और तत्कालीन नेताओं के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से बेहद करीबी और पुराने रणनीतिक संबंध हैं। चूंकि पंजाब में रंधावा विरोधी गुट सक्रिय है, माना जा रहा है कि उसी की तर्ज पर राजस्थान में भी रंधावा के खिलाफ मोर्चा खोला गया है। हालांकि, इन चर्चाओं पर सफाई देते हुए पवन गोदारा ने कहा कि वे कांग्रेस के अनुशासित सिपाही हैं और उन्होंने किसी गुटबाजी के तहत नहीं, बल्कि केवल आम कार्यकर्ताओं की जायज बात को प्रभारी के सामने उठाया है।
प्रभारी को लेकर मचे इस घमासान के बीच राजस्थान कांग्रेस में बड़े सांगठनिक फेरबदल की स्क्रिप्ट भी पूरी तरह तैयार हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दिल्ली का दौरा कर एआईसीसी को एक महत्वपूर्ण सूची सौंप कर आए हैं:
55 पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज: पीसीसी चीफ डोटासरा द्वारा सौंपी गई इस नई सूची में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के करीब 55 मौजूदा पदाधिकारियों को उनके पदों से हटाए जाने और उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका देने की सिफारिश की गई है।
मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे अंतिम फैसला: अब इस बदलाव की सूची पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के अंतिम हस्ताक्षर होने बाकी हैं। सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ ही दिनों में यह आधिकारिक सूची जारी कर दी जाएगी। प्रदेश कमेटी (PCC) में इस बड़े बदलाव के पूरा होने के तुरंत बाद जिला और ब्लॉक स्तर पर भी नीचे तक बड़े संगठनात्मक बदलाव किए जाएंगे।