राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सारिका सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता एकत्र हुईं:
शव यात्रा निकालकर जताया विरोध: कार्यकर्ताओं ने राज्य की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल कुप्रबंधन के विरोध में सांकेतिक शव यात्रा निकाली।
बैरिकेड्स लगाकर रोका: प्रदर्शनकारी जब शहीद स्मारक के पास पहुंचे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
धक्का-मुक्की में महिला सचिव गिरीं: बैरिकेड्स पार करने की कोशिश के दौरान महिला पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव शमा शेख धक्का लगने से जमीन पर गिर गईं, वहीं एक अन्य कार्यकर्ता की साड़ी भी फट गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयानों और राज्य के सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर तीखा हमला बोला:
"स्वास्थ्य मंत्री तो मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। राज्य में महिलाओं से दुष्कर्म और अपराध के मामले बढ़ रहे हैं, और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर बयान दे रहे हैं कि महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी का शौक है और वे तो नाचती-गाती अस्पताल आती हैं।"
सारिका सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की कमियों को उजागर करते हुए आरोप लगाया:
मूलभूत सुविधाओं का अकाल: प्रदेश के अस्पतालों में सोनोग्राफी मशीनें कार्य नहीं कर रही हैं और जननी सुरक्षा योजना के तहत समय पर एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
अस्पतालों में कुप्रबंधन: सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है और राज्य में 'पोपा बाई का राज' चल रहा है, जिससे गरीब और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।