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जयपुर निकाय चुनाव: स्क्रूटनी में 1,380 पर्चे खारिज, जयपुर नगर निगम के 338 नामांकन रद्द

जयपुर: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) के तहत सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) प्रक्रिया संपन्न हो गई। स्क्रूटनी के दौरान बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के पर्चे कमियों और आपत्तियों के चलते खारिज कर दिए गए हैं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में ही 338 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हो गए हैं। अब चुनावी मैदान में बचे प्रत्याशियों के पास बुधवार (3 सितंबर) दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का अंतिम मौका है।

 

जयपुर की 19 निकायों में 3,366 उम्मीदवार मैदान में, 1,380 पर्चे हुए निरस्त

जयपुर जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने जिले भर के नगरीय निकायों के स्क्रूटनी आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी साझा की:

  • जिले भर में पर्चों की जांच: जयपुर जिले की सभी 19 नगरीय निकायों के कुल 690 वार्डों में पार्षद पद के लिए प्राप्त हुए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

  • 1,380 नामांकन खारिज: स्क्रूटनी के दौरान कुल 4,868 नामांकन पत्रों में से विभिन्न तकनीकी कमियों और आपत्तियों के चलते 1,380 पर्चे निरस्त कर दिए गए।

  • वैध प्रत्याशी: अब जिले में कुल 3,488 नामांकन पत्र ही वैध पाए गए हैं, जिनके आधार पर कुल 3,366 उम्मीदवार अंतिम रूप से मैदान में बचे हैं।

  • जयपुर नगर निगम की स्थिति: अकेले जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 1,378 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से 338 पर्चे जांच में खारिज हो गए। अब यहां 1,007 उम्मीदवार ही मुकाबले में बचे हैं।

 

नाम वापसी के लिए कल दोपहर 3 बजे तक का समय

चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होने में अब बेहद कम समय बचा है:

  • नाम वापसी की समय सीमा: जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते हैं, वे कल 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।

  • अंतिम सूची जारी होगी: नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद 3 सितंबर की शाम को ही चुनाव आयोग की ओर से चुनाव मैदान में डटे अंतिम प्रत्याशियों की सूची और उन्हें आवंटित चुनाव चिन्ह जारी कर दिए जाएंगे।

 

चुनावों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट ठप, डेटा अपडेट होना बंद

एक तरफ जहां प्रदेश भर में चुनावी प्रक्रिया अपने चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है:

  • वेबसाइट बंद: राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर सोमवार देर शाम के बाद से डेटा अपडेट होना पूरी तरह बंद हो गया, जिससे आयोग की वेबसाइट ठप पड़ी रही।

  • आधिकारिक जानकारी का अभाव: वेबसाइट ठप होने और आयोग द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा न किए जाने के कारण प्रदेश की सभी 309 नगरीय निकायों में कुल कितने नामांकन दाखिल हुए और स्क्रूटनी में कितने पर्चे खारिज किए गए, इसका संपूर्ण प्रदेश स्तरीय आंकड़ा मीडिया और जनता तक नहीं पहुंच सका है।

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