जयपुर: जयपुर से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट लेट होने पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। संसद के मानसून सत्र में शामिल होने दिल्ली जा रहे बेनीवाल ने उड़ानों में हो रही लेटलतीफी को लेकर केंद्र सरकार और विमानन मंत्रालय पर सीधा हमला बोला है।
सांसद बेनीवाल को सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले दिल्ली पहुंचना था, जहाँ उन्हें विपक्ष के साथी सांसदों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करनी थी।
फ्लाइट का समय: जयपुर से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान (AI 1834) का निर्धारित समय सुबह 8:50 बजे था।
देरी से उड़ान: विमान अपने निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सका और करीब 1 घंटे 20 मिनट की देरी के बाद सुबह 10:10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुआ, जिससे सांसद समय पर बैठक में शामिल नहीं हो सके।
समय पर दिल्ली नहीं पहुँच पाने से नाराज सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा:
"देश में आए दिन उड़ानों में हो रही देरी और अव्यवस्था से रोजाना लाखों यात्री परेशान हो रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार का एयरलाइंस के संचालन और उनकी समयबद्धता पर कोई प्रभावी नियंत्रण ही नहीं बचा है।"
सरकार को जवाबदेही का पाठ पढ़ाते हुए बेनीवाल ने आगे लिखा:
जवाबदेही तय हो: "सरकार को यह समझने की आवश्यकता है कि देश की विमानन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और आम यात्रियों के समय का सम्मान करना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इससे लगातार मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।"
एअर इंडिया पर निशाना: एअर इंडिया को टैग करते हुए सांसद ने कहा कि अक्सर उनकी उड़ानों में लेटलतीफी देखने को मिलती है, लेकिन सरकार न तो एअर इंडिया की जवाबदेही तय करती है और न ही इसमें सुधार के कोई ठोस प्रयास कर रही है।
सांसद हनुमान बेनीवाल के ट्वीट के बाद एअर इंडिया प्रबंधन तुरंत हरकत में आया। एअर इंडिया के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जवाब देते हुए असुविधा के लिए खेद जताया गया।
कंपनी ने अपनी सफाई में लिखा:
"हम आपकी चिंता को समझते हैं और हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। उड़ान AI 1834 में देरी, कनेक्टिंग रूट से आने वाले विमान (Inbound Aircraft) के लेट पहुंचने के कारण हुई थी।"