बेनीवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार विकसित भारत की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर लोग प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और महंगाई आसमान छू रही है। ऐसे समय में राजनीति का फोकस विकास, शिक्षा और रोजगार पर होना चाहिए, न कि नफरत फैलाने पर।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण और पूजा किए जाने को लेकर बेनीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से इस तरह की प्रक्रिया की गई है।
सांसद ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जिस स्थान पर सभा करके आए, उस स्थान को अपवित्र मानते हैं, यह कितना बड़ा दुर्भाग्य है।” उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी अगर देश में इस तरह की मानसिकता दिखाई देती है तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि एक ओर देश को विकसित बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोग शिक्षा के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के सामने कई समस्याएं हैं और रोजगार का संकट भी लगातार बढ़ रहा है।
बेनीवाल ने कहा कि देश को विश्वगुरु बनाने के लिए नफरत की राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और विकास की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नफरत की राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिश कभी सफल नहीं होगी। सांसद ने कहा कि देश के युवा और नई पीढ़ी पहले से ज्यादा जागरूक है और उन्हें किसी भी मुद्दे पर आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता।
बेनीवाल ने विशेष रूप से जेन-जी और जेन-अल्फा का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में पली-बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ये बच्चे राजनीतिक घटनाक्रम और नीतियों को समझते हैं और अपनी बात रखने का तरीका भी जानते हैं।
सांसद ने प्रदर्शन कर रहे बच्चों और युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जिस तरह मीम और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों के जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, वह उनकी जागरूकता को दिखाता है।
बेनीवाल ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले बच्चों ने कई मुद्दों को अपने तरीके से उठाया और गलत नीतियों का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बच्चों की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को बेवकूफ बनाना आसान नहीं है।
दरअसल, बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सेड़वा से रामसर तक 100 किलोमीटर की सद्भावना पदयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत 14 अगस्त को सेड़वा से हुई थी। दूसरे दिन 15 अगस्त को पदयात्रा चौहटन पहुंची। इसके बाद तीसरे दिन यात्रा आगे बढ़ी।
यात्रा का समापन 18 अगस्त को रामसर में होगा। यहां सभा आयोजित की जाएगी। पदयात्रा में बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री गफूर अहमद, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।
कांग्रेस की ओर से इस पदयात्रा को सद्भावना और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बताया गया है। यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए लोगों से संवाद कर रहे हैं।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा का कहना है कि अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं, तो उन्होंने कहा कि बीकानेर में लोगों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन वहां कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही देश में अलग-अलग नियम कैसे हो सकते हैं। बेनीवाल ने कहा कि संविधान सभी के लिए समान है और कानून भी सभी पर एक जैसा लागू होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अलग-अलग समुदायों को अलग नजरिए से देखती है। उनके मुताबिक, बाड़मेर में की गई कार्रवाई का मकसद अशांति और नफरत फैलाना है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ पूरा थार एकजुट है।
बेनीवाल ने कहा कि देश के सामने इस समय शिक्षा, रोजगार, महंगाई और विकास जैसे गंभीर मुद्दे हैं। राजनीतिक दलों को इन समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति के बजाय देश को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।