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हनुमान बेनीवाल के 'मूर्खाधिराज' वाले बयान पर मदन राठौड़ का पलटवार: बोले- ऐसे नेताओं का हो सामाजिक बहिष्कार

जयपुर: खींवसर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को 'मूर्खाधिराज' और राज्य कैबिनेट को 'मूर्खों का मंत्रिमंडल' बताने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने करारा पलटवार किया है। मदन राठौड़ ने बेनीवाल की भाषा पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर टीआरपी (TRP) बटोरने के लिए राजनेताओं द्वारा ऐसी घटिया शब्दावली का इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है और प्रदेश की जनता इसका करारा सबक सिखाएगी।

"क्या बेनीवाल की अक्ल को कुछ हो गया है?" — मदन राठौड़ का तीखा हमला

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने हनुमान बेनीवाल की भाषा शैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें मर्यादा में रहने की नसीहत दी है:

  • शब्दावली का अकाल: राठौड़ ने कहा, "आजकल कुछ राजनेताओं की शब्दावली इतनी निचले स्तर पर चली गई है कि समझ नहीं आता हनुमान बेनीवाल की अक्ल को क्या हो गया है? क्या उनके पास शब्दों की कमी हो गई है या उनके शब्दकोश में अकाल पड़ गया है, जो वे मंत्रियों और सूबे के मुख्यमंत्री के लिए ऐसे अमर्यादित शब्दों (मूर्खाधिराज) का प्रयोग कर रहे हैं।"

  • जनता बर्दाश्त नहीं करेगी: उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि राजस्थान की संस्कृति में इस तरह के ओछे बयानों की कोई जगह नहीं है और इसे जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

 

मीडिया से अपील: "ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार जरूरी"

प्रेस वार्ता के दौरान मदन राठौड़ ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया से भी एक विशेष और बड़ी अपील की:

  • राजनीति का शुद्धिकरण: राठौड़ ने कहा, "मैं लोकतंत्र के चौथे प्रहरी (मीडिया) से निवेदन करता हूँ कि जो नेता राजनीति के स्तर को गिरा रहे हैं, उनका सामाजिक और वैचारिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक इनकी अक्ल ठिकाने नहीं आएगी और राजनीति शुद्धिकरण की तरफ नहीं बढ़ेगी।"

  • धूमिल होती है प्रतिष्ठा: उन्होंने आगे कहा कि विरोध करना हर दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के लिए सही शब्दों का चयन होना चाहिए। हल्के स्तर के शब्दों का प्रयोग करके केवल सोशल मीडिया पर रीच बढ़ाई जा सकती है, लेकिन असल जिंदगी में प्रतिष्ठा धूमिल होती है।

 

भैराणा धाम में हनुमान बेनीवाल ने दी थी 'उपाधि'

इस पूरे सियासी घमासान की शुरुआत बुधवार को हुई, जब आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल एक धार्मिक सभा को संबोधित कर रहे थे:

  • भजनलाल कैबिनेट पर टिप्पणी: भैराणा धाम में आयोजित संतों की सभा में सांसद बेनीवाल ने कहा था, "मैं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की तरफ से और साधु-संतों के सानिध्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह 'उपाधि' देता हूँ कि वे जितने भी मूर्ख हैं, उन सभी मूर्खों के राजा यानी 'मूर्खाधिराज' हैं और उनकी कैबिनेट मूर्खों की कैबिनेट है।"

 

"हम कांग्रेस नेताओं की तरह सेटिंग वाले नहीं, आर-पार की लड़ाई होगी"

बेनीवाल ने अपनी जनसभा में प्रदेश सरकार को ललकारते हुए आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी भी दी थी:

  • कांग्रेस पर भी तंज: बेनीवाल ने कांग्रेस को भी लपेटे में लेते हुए कहा, "हम शेखावाटी के कांग्रेसी नेताओं की तरह नहीं हैं, जो बंद कमरों में मुख्यमंत्री से सेटिंग करके राजनीति चलाते हैं। हमारी लड़ाई सीधी और आर-पार की होगी।"

  • संतों से टकराने का अंजाम: उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो 'मूर्खाधिराज' समय रहते समझ जाएं और इन साधु-संतों की मांगों को मान लें, क्योंकि इतिहास गवाह है कि संतों से जो भी टकराया है, उसका राजनीतिक अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने बड़े-बड़े रसूखदार नेताओं को संतों के चरणों में झुकते देखा है।

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