जयपुर: जयपुर के दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र में गुरुवार को आपातकाल की बरसी पर आयोजित बीजेपी के 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में सूबे के सियासी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान का हवाला देते हुए उन्हें और पूरी कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले मीसा बंदियों को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें गहलोत ने कथित तौर पर इंदिरा गांधी का जिक्र किया था:
लोकतंत्र की हत्या की मंशा: मदन राठौड़ ने कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ दिन पहले कहा था कि यदि आज इंदिरा गांधी होतीं, तो वे बीजेपी पर पूरी तरह बैन (प्रतिबंध) लगा देतीं। आप खुद सोचिए कि इनकी मंशा क्या है? यह लोग एक बार फिर देश में लोकतंत्र की हत्या करना चाहते हैं।"
पूरी कांग्रेस की सोच: राठौड़ ने आगे तंज कसते हुए कहा कि गहलोत खुद को आज भी कांग्रेस का 'राष्ट्रीय अध्यक्ष इन वेटिंग' (National President in Waiting) समझते हैं, इसका मतलब यह खतरनाक सोच सिर्फ गहलोत की व्यक्तिगत सोच नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर ऐसे लोगों के हाथ में 'उस्तरा' आ गया, तो इस देश का क्या हश्र होगा? इनके मंसूबे बेहद खतरनाक हैं।"
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपातकाल के दौरान जेलों में यातनाएं सहने वाले मीसा बंदियों (MISA) के लिए सरकार का पिटारा खोल दिया:
पेंशन में भारी बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा मीसा बंदियों को दी जाने वाली मासिक पेंशन में 5,000 रुपए की बढ़ोतरी की जा रही है।
मुफ्त यात्रा की सौगात: इसके साथ ही अब सभी मीसा बंदियों को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में जीवनभर निशुल्क (फ्री) यात्रा करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
मदन राठौड़ ने आपातकाल का डटकर मुकाबला करने वाले सेनानियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे की जिम्मेदारी भी सौंपी:
राष्ट्रीय चरित्र का अभाव: राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों में राष्ट्रीय चरित्र का पूरी तरह अभाव है। ये लोग अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किसी की भी बलि दे सकते हैं। वे आज सत्ता के बिना इस तरह तड़प रहे हैं, जैसे पानी के बिना कोई मछली तड़पती है।
मिस बंदियों से अपील: प्रदेशाध्यक्ष ने मीसा बंदियों से कहा, "आपने कड़ा संघर्ष कर देश में लोकतंत्र को बहाल कराया है, लेकिन आपका काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आप चुप नहीं बैठ सकते। आपको समाज और नई पीढ़ी को जागरूक करना होगा ताकि भविष्य में कोई भी हमारे लोकतंत्र पर गलत नजर न डाल सके।"